
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कैप्टन-सिद्धू के बीच का विवाद खत्म होता नहीं दिख रहा है।
राज्य में फैले अंदरूनी कलह के बीच आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह एक बार फिर से दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे।
इस विवाद को सुलझाने के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय समिति ने पंजाब के छह मंत्रियों और छह विधायकों को दिल्ली बुला लिया है। इन नेताओं में ज्यादातर वही चेहरे हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा दो विधायकों के बेटों को सरकारी नौकरी देने का विरोध किया था।
अभी तक यह भी माना जा रहा था कि सोनिया गांधी कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू से एक साथ बैठककर उनके बीच का विवाद सुलझाएंगी। अब साफ हो गया है कि पार्टी अध्यक्ष ने मुलाकात के लिए केवल कैप्टन को ही बुलाया है। दूसरी तरफ, तीन सदस्यीय समिति से मिलकर लौटे नवजोत सिद्धू अभी तक शांत थे लेकिन उन्होंने दोबारा से कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सिद्धू ने कैप्टन से उनके कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जारी करने की मांग करते हुए चुनौती दी है कि कैप्टन उनके पार्टी के दरवाजे बंद करने वाले कौन होते हैं।
समिति ने इन नेताओं को आज दिल्ली बुलाया :
मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, रजिया सुल्ताना, सुख सरकारिया, चरनजीत सिंह चन्नी और भरत भूषण आशू के अलावा विधायक परगट सिंह, राजा वड़िंग, कुलजीत नागरा, किकी ढिल्लो, संगत सिंह गिलजियां और इंदरबीर सिंह बुलारिया को तीन सदस्यीय समिति ने दिल्ली बुलाया है।
Author: AK
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