
Bengaluru court to hand over former TN CM J Jayalalithaa’s seized valuables to Tamil Nadu government on February 14 and 15 2025.
कर्नाटक हाई कोर्ट ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता से जुड़ी सम्पत्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जयललिता की संपत्ति का यह मामला दो दशक से अधिक समय से चल रहा था। जयललिता की 27 किलो सोना, चांदी, हीरे के जेवरात और 1,562 एकड़ ज़मीन से जुड़े दस्तावेज़ तमिलनाडु एंटी-करप्शन डिपार्टमेंट को सौंपने का आदेश दिए हैं। यह फैसला जयललिता की संपत्ति को 24 साल बाद बेंगलुरु से तमिलनाडु वापस लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि यह मामला उस समय का है जब तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहते हुए जयललिता की मृत्यु हो गई थी। उस समय उन पर उनकी आय से अधिक संपत्ति जमा करने का आरोप लगा था। इस मामले में उनकी सहेली सासिकला, सुधाकरन और इलावरसी भी आरोपी थीं। बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने उन्हें 4 साल की जेल की सजा सुनाई थी, लेकिन कर्नाटक हाई कोर्ट ने इस सजा को रद्द कर दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने 4 साल की जेल की सजा को बरकरार रखा, लेकिन जयललिता का निधन फैसले से पहले ही हो गया था।
क्या है जयललिता की समाप्ति
तमिलनाडु सरकार को जयललिता की संपति को 2004 में कर्नाटक सरकार के खजाने में स्थानांतरित कर दिया गया था। जब्त की गई वस्तुओं में 10,000 से अधिक साड़ियां, 750 जोड़ी जूते, घड़ियां, सोने और हीरे के जेवरात शामिल थे। अब बेंगलुरु कोर्ट ने जयललिता से जब्त किए गए 27 किलो जेवरात और 1,562 एकड़ ज़मीन के दस्तावेज़ तमिलनाडु एंटी-करप्शन डिपार्टमेंट को सौंपने का आदेश दिया है। यह प्रक्रिया 14 और 15 फरवरी को पूरी की जाएगी।
कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, तमिलनाडु एंटी-करप्शन पुलिस आवश्यक सुरक्षा, मूल्यांकन और वीडियोग्राफी के साथ इन वस्तुओं को लेने पहुंचेगी। कर्नाटक पुलिस भी इस कार्य के लिए सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराएगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि जेवरात का मूल्यांकन किया जाए और पूरी प्रक्रिया को वीडियोग्राफी के जरिए रिकॉर्ड किया जाए।
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Author: AK
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