एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शूटिंग में लगातार दो मेडल जीते। सुरुचि सिंह और कमलजीत ने गोल्ड, जबकि तीन निशानेबाजों ने सिल्वर जीता।
Asian Games 2026: India Wins Gold, Silver

एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए शुक्रवार की सुबह शानदार रही। शूटिंग रेंज से भारत के लिए कुछ ही मिनटों के अंदर दो बड़ी खुशखबरियां आईं। पहले भारतीय टीम ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। इसके ठीक बाद 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सुरुचि सिंह और कमलजीत ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमा लिया।
यानी भारत ने बेहद कम समय में एक सिल्वर और एक गोल्ड अपने नाम कर लिया। पांच भारतीय निशानेबाजों ने इन दोनों पदकों में अहम भूमिका निभाई। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने सिल्वर दिलाया, जबकि सुरुचि सिंह और कमलजीत ने गोल्ड जीतकर तिरंगा सबसे ऊपर पहुंचाया।
यह दिन भारतीय शूटिंग के लिए इसलिए भी खास रहा क्योंकि गोल्ड जीतने वाली जोड़ी ने फाइनल में शानदार स्कोर के साथ एशियाई रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
दो मिनट में बदली भारत की मेडल टैली
एशियन गेम्स में मेडल टैली लगातार बदलती रहती है। एक के बाद एक मुकाबलों के नतीजे आने के साथ देशों की स्थिति भी बदल जाती है। भारत के लिए शूटिंग के इन दो मुकाबलों ने भी यही किया।
पहले 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में भारतीय टीम ने सिल्वर जीता। इसके बाद 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम के फाइनल में सुरुचि सिंह और कमलजीत ने गोल्ड पर निशाना साधा।
लगातार दो पदकों ने भारतीय खेमे में उत्साह बढ़ा दिया। खास बात यह रही कि दोनों मेडल अलग-अलग तरह की शूटिंग स्पर्धाओं से आए। एक तरफ राइफल की चुनौती थी, तो दूसरी तरफ एयर पिस्टल का मुकाबला।
सुरुचि और कमलजीत ने दिलाया गोल्ड
10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम के फाइनल में भारत का सामना दक्षिण कोरिया से था। भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी।
सुरुचि सिंह और कमलजीत ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की टीम 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही और उसे सिल्वर मिला। ईरान ने 415.8 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।
इस तरह भारतीय जोड़ी ने 6.6 अंक के अंतर से गोल्ड अपने नाम किया।
फाइनल में रिकॉर्ड स्कोर
भारतीय जोड़ी की जीत केवल मेडल तक सीमित नहीं रही। 484.6 अंक का स्कोर एशियाई रिकॉर्ड भी बना।
शूटिंग में छोटी सी गलती भी स्कोर पर बड़ा असर डाल सकती है। ऐसे में फाइनल जैसे दबाव वाले मुकाबले में लगातार सटीक निशाना लगाना आसान नहीं होता। सुरुचि और कमलजीत ने पूरे मुकाबले में अपना संतुलन बनाए रखा और अंत तक बढ़त कायम रखी।
दक्षिण कोरिया की टीम ने मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय निशानेबाजों ने अपनी बढ़त नहीं जाने दी।
क्वालिफिकेशन में भी भारत का दबदबा
गोल्ड मेडल जीतने से पहले भारतीय जोड़ी ने क्वालिफिकेशन राउंड में भी शानदार प्रदर्शन किया था।
सुरुचि सिंह और कमलजीत ने क्वालिफिकेशन में 587 अंक हासिल किए और शीर्ष स्थान के साथ फाइनल में जगह बनाई। इस प्रदर्शन में दोनों ने शुरुआत से ही निरंतरता दिखाई।
क्वालिफिकेशन में अच्छा प्रदर्शन फाइनल के लिए आत्मविश्वास देता है, लेकिन फाइनल का दबाव अलग होता है। यहां हर शॉट का महत्व बढ़ जाता है। भारतीय जोड़ी ने क्वालिफिकेशन की लय को फाइनल में भी बनाए रखा।
यही वजह रही कि फाइनल में भी दोनों निशानेबाजों ने बड़े अंतर से मुकाबला अपने पक्ष में रखा।
ऐश्वर्य, रुद्राक्ष और नीरज की तिकड़ी ने जीता सिल्वर
सुरुचि और कमलजीत के गोल्ड से पहले भारत को पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में सिल्वर मिला।
इस टीम में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार शामिल थे।
तीनों निशानेबाजों ने टीम स्पर्धा में शानदार तालमेल दिखाया। भारतीय टीम ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर दूसरा स्थान हासिल किया।
50 मीटर राइफल 3 पोजीशन को शूटिंग की चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं में गिना जाता है। इसमें निशानेबाजों को अलग-अलग पोजीशन से शूट करना होता है। इसलिए केवल निशाने की सटीकता ही नहीं, बल्कि शरीर का संतुलन और लंबे समय तक एकाग्रता बनाए रखना भी जरूरी होता है।
भारतीय तिकड़ी ने इसी संयम का प्रदर्शन किया और देश के खाते में सिल्वर जोड़ दिया।
पांच शूटरों ने बढ़ाया भारत का गौरव
इन दो पदकों के पीछे भारत के पांच निशानेबाजों का योगदान रहा।
गोल्ड मेडल:
सुरुचि सिंह और कमलजीत
सिल्वर मेडल:
ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार
इन पांचों खिलाड़ियों ने अलग-अलग इवेंट में भारत को पोडियम तक पहुंचाया। एक ही समय के आसपास दो पदक मिलने से भारतीय शूटिंग टीम के प्रदर्शन को लेकर उत्साह और बढ़ गया।
शूटिंग में मानसिक मजबूती काफी महत्वपूर्ण होती है। खिलाड़ी को कई मिनट तक अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखना पड़ता है। एक गलत शॉट पूरे मुकाबले की दिशा बदल सकता है। ऐसे में बड़े मंच पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना खिलाड़ियों की तैयारी को दिखाता है।
भारत के लिए क्यों खास है यह गोल्ड?
एशियन गेम्स में शूटिंग भारत के लिए पदक दिलाने वाले प्रमुख खेलों में से एक रही है। हर संस्करण में भारतीय निशानेबाजों से बड़ी उम्मीदें रहती हैं।
2026 के एशियन गेम्स में भी भारतीय शूटिंग टीम में कई अनुभवी और युवा खिलाड़ी शामिल हैं। राइफल, पिस्टल और शॉटगन की अलग-अलग स्पर्धाओं में भारत की चुनौती बनी हुई है।
सुरुचि सिंह और कमलजीत का गोल्ड इसलिए भी अहम है क्योंकि मिक्स्ड टीम इवेंट में केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन काफी नहीं होता। दोनों खिलाड़ियों को एक-दूसरे के प्रदर्शन के साथ तालमेल बनाकर आगे बढ़ना होता है।
एक खिलाड़ी का स्कोर टीम के कुल स्कोर को प्रभावित करता है। इसलिए दोनों के बीच निरंतरता और दबाव संभालने की क्षमता बेहद जरूरी होती है।
शूटिंग में भारत की बढ़ती ताकत
भारत पिछले कुछ वर्षों में शूटिंग में लगातार नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतार रहा है। युवा निशानेबाजों के साथ अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण टीम को अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धी बनाता है।
ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर जैसे खिलाड़ी पहले भी बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। रुद्राक्ष पाटिल भी भारतीय शूटिंग के प्रमुख नामों में शामिल हैं। वहीं नीरज कुमार ने टीम इवेंट में अपने प्रदर्शन से महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दूसरी ओर सुरुचि सिंह और कमलजीत ने मिक्स्ड टीम मुकाबले में दबाव के बीच अपनी सटीकता साबित की।
इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन यह बताता है कि भारतीय शूटिंग सिर्फ एक-दो नामों पर निर्भर नहीं है। अलग-अलग स्पर्धाओं में कई खिलाड़ी पदक की दौड़ में शामिल हैं।
मेडल टैली में भारत को फायदा
एशियन गेम्स में एक गोल्ड मेडल किसी भी देश की पदक तालिका में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। भारत के लिए भी शूटिंग से मिले इन दो पदकों ने कुल मेडल संख्या को मजबूत किया।
गोल्ड और सिल्वर दोनों एक ही समय के आसपास मिलने से भारतीय दल की स्थिति में भी सुधार हुआ। हालांकि प्रतियोगिता अभी जारी है और आगे आने वाले मुकाबलों के नतीजों के साथ मेडल टैली में बदलाव होता रहेगा।
भारत की नजर अब शूटिंग के बाकी मुकाबलों के अलावा एथलेटिक्स, बैडमिंटन, हॉकी और अन्य खेलों पर भी है।
फाइनल में ऐसा रहा स्कोर
10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम के फाइनल का स्कोर इस तरह रहा:
- भारत — 484.6 अंक — गोल्ड
- दक्षिण कोरिया — 478.0 अंक — सिल्वर
- ईरान — 415.8 अंक — ब्रॉन्ज
भारतीय जोड़ी ने दूसरे स्थान पर रही टीम से 6.6 अंक की बढ़त बनाई। फाइनल में 484.6 अंक का स्कोर एशियाई रिकॉर्ड भी बना।
आगे भी भारतीय खिलाड़ियों से उम्मीद
एशियन गेम्स अभी खत्म नहीं हुए हैं। इसलिए भारत के लिए पदक जीतने के और मौके मौजूद हैं। शूटिंग में आने वाले मुकाबलों में भी भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।
इस बीच 25 सितंबर का दिन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए खास बन गया है। पहले ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने सिल्वर जीता और फिर सुरुचि सिंह तथा कमलजीत ने गोल्ड अपने नाम कर लिया।
कुछ ही मिनटों में दो पदक और उनमें एक गोल्ड। भारतीय शूटिंग के लिए यह प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 के यादगार पलों में शामिल हो गया है।
निष्कर्ष
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शूटिंग रेंज पर अपनी मौजूदगी मजबूत तरीके से दर्ज कराई है। पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में सिल्वर और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में गोल्ड ने भारतीय पदक तालिका को मजबूती दी।
सुरुचि सिंह और कमलजीत ने 484.6 अंक के साथ गोल्ड जीतकर रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार की तिकड़ी ने सिल्वर दिलाया।
अब भारतीय फैंस की नजर बाकी मुकाबलों पर है। शूटिंग में मिली यह सफलता भारत के लिए आगे आने वाले इवेंट्स में भी आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हो सकती है।
Asian Games 2026, India Shooting Gold, Suruchi Singh, Kamaljeet, Aishwary Pratap Singh Tomar, Rudrankksh Patil, Niraj Kumar
Author: AK
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