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सच्ची शिक्षा वही है, जो केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का बोध भी कराती है।” – डॉ. अरुण कुमार सिन्हा

सच्ची शिक्षा वही है, जो केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का बोध भी कराती है।" – डॉ. अरुण कुमार सिन्हा
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True education is that which imparts not only knowledge but also morality, duty and a sense of responsibility towards the society.” – Dr. Arun Kumar Sinha

मानस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में सरस्वती पूजा महोत्सव एवं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए शुभकामना समारोह का भव्य आयोजन

दक्षिणी, मानस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में आज सरस्वती पूजा महोत्सव के अवसर पर 10वीं एवं 12वीं कक्षा के बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए शुभकामना समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा निदेशक निशांत रंजन एवं प्राचार्य डॉ. संजय कुमार सिन्हा द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिनमें संस्कृत श्लोक वाचन, भजन और नृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यालय प्रशासन की ओर से 10वीं और 12वीं कक्षा के परीक्षार्थियों को “श्रीमद्भागवत गीता” भेंट स्वरूप प्रदान की गई, ताकि वे न केवल शिक्षा में बल्कि नैतिक मूल्यों में भी सशक्त बन सकें।
विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा,
“परीक्षा केवल अंकों का खेल नहीं होती, बल्कि यह आपके भविष्य की नींव मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ आप हर चुनौती को पार कर सकते हैं। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, लेकिन निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच से आप अपने लक्ष्य को अवश्य प्राप्त करेंगे।”

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उन्होंने श्रीमद्भागवत गीता के महत्व पर जोर देते हुए कहा,
“गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का मार्गदर्शन देने वाली अमूल्य पुस्तक है। यदि विद्यार्थी इसके सिद्धांतों को अपनाएं, तो वे न केवल परीक्षा में बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।”

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार सिन्हा ने भी छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि
“सफलता केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह निरंतर परिश्रम और दृढ़ निश्चय का परिणाम होती है। अनुशासन और ईमानदारी को अपनाने वाला व्यक्ति ही सच्ची सफलता प्राप्त कर सकता है।”
विद्यालय के निदेशक निशांत रंजन ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा,
“शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन जीने की कला भी सिखाती है। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखना बहुत आवश्यक है। आत्मविश्वास और सही रणनीति से कोई भी विद्यार्थी सफलता प्राप्त कर सकता है।”
उन्होंने विद्यार्थियों से समय प्रबंधन और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने बोर्ड परीक्षार्थियों को सलाह दी कि वे स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं, अनुशासन का पालन करें और परीक्षा के दिनों में आत्मविश्वास बनाए रखें।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक रणधीर कुमार, उमाकांत कुमार, मृत्युंजय कुमार, शिक्षक अमित कुमार, रामप्रवेश शर्मा, उज्जवल कुमार, संजीव कुमार, योगेंद्र कुमार, राकेश कुमार, राजीव कुमार सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में माँ सरस्वती की वंदना की गई और सभी ने ज्ञान एवं शिक्षा के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया।

AK
Author: AK

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