जहानाबाद। समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स सभागार में गुरुवार को आईसीडीएस एवं जिला बाल संरक्षण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में “बाल संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी” विषय पर जिला स्तरीय संवेदीकरण-सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने किया। कार्यक्रम में आईसीडीएस, जिला बाल संरक्षण इकाई, सेंटर डायरेक्ट एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि आंगनवाड़ी सेवाओं को इस तरह सुदृढ़ किया जाए कि कोई भी बच्चा शिक्षा और पोषण से वंचित न रहे। विद्यालय से दूर होने वाले बच्चों में बाल श्रम और बालिकाओं में बाल विवाह का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे मामलों की समय रहते पहचान कर रोकथाम करना जरूरी है।
उन्होंने बाल विवाह की रोकथाम के लिए बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी और प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के साथ समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया। विद्यालयों से प्राप्त ड्रॉपआउट बच्चों के आंकड़ों की नियमित निगरानी और विद्यालय छोड़ने के कारणों की पड़ताल करने पर भी जोर दिया।
खासकर विद्यालय छोड़ चुकी बालिकाओं और महादलित टोलों में बाल विवाह की संभावित घटनाओं की पहचान करने को कहा गया। इसके लिए विकास मित्रों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया। अभिभावकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और बालिकाओं की शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित करने पर भी बल दिया गया।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में बाल संरक्षण विशेषज्ञ चंद्रशेखर सिंह ने बाल विवाह, बाल श्रम, बाल तस्करी और बाल शोषण की रोकथाम में आंगनवाड़ी एवं समुदाय की भूमिका पर चर्चा की। उन्होंने ऐसे मामलों की सूचना जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को देने की अपील की। अनाथ, बेसहारा तथा देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए संचालित परवरिश और स्पॉन्सरशिप योजना की जानकारी भी दी गई।
प्रसून कुणाल ने विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की नियमित बैठक कराने पर जोर दिया।
कार्यशाला में बाल हितैषी पंचायत की अवधारणा के तहत बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं सुरक्षा के साथ बाल विवाह और बाल श्रम की रोकथाम पर चर्चा हुई। नन्हें कदम विशेषीकृत दत्तक ग्रहण संस्थान की टीम ने विधिक दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिकाएं एवं संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अंत में सर्वेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
Jehanabad News: Inter-departmental coordination essential for child protection; emphasis on monitoring dropout children.



















