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Jehanabad News: हादसे के बाद खुली प्रशासन की नींद, परिवहन विभाग ने शुरू की स्कूली वाहनों की जांच

Jehanabad News: हादसे के बाद खुली प्रशासन की नींद, परिवहन विभाग ने शुरू की स्कूली वाहनों की जांच
Transport Dept Checks Unfit school buses in jehana

जहानाबाद जिला प्रशासन द्वारा जिले में स्कूली वाहनों की जांच की गई। जिला परिवहन कार्यालय द्वारा चलाए गए स्कूली वाहनों की सघन जांच अभियान में 185 विद्यालयों के 437 वाहनों की जांच की गई है। विभिन्न विद्यालय संचालकों द्वारा नियम उल्लंघन किये जाने पर कुल 2 लाख ₹5000 का जुर्माना वसूला गया है।

जहानाबाद जिला परिवहन कार्यालय द्वारा जिले में संचालित स्कूली वाहनों की सघन जाँच की गई। इस अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक तथा सभी प्रवर्तन अवर निरीक्षक सक्रिय रूप से शामिल रहे। जाँच का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों के बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं संचालित वाहनों में आवश्यक मानकों का पालन करवाना था।

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बसूला गया 2 लाख से ज्यादा का जुर्माना

अभियान के दौरान जिले के कुल 185 विद्यालयों के 437 वाहनों की गहन जाँच की गई। इस प्रक्रिया में विभिन्न विद्यालयों द्वारा संचालित वाहनों में पाई गई खामियों और नियम उल्लंघन के मामलों में कुल ₹2,05,000/- का जुर्माना वसूल किया गया। जिन वाहनों में तकनीकी या सुरक्षा संबंधी कमियाँ पाई गईं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर ठीक कराने का निर्देश विद्यालय संचालकों को दिया गया है, अन्यथा उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने की परिजनों से की अपील:

जिला प्रशासन द्वारा यह भी अपील की गई है कि सभी अभिभावक समय-समय पर अपने बच्चों द्वारा उपयोग किए जा रहे स्कूली वाहनों की स्थिति और गुणवत्ता की समीक्षा अवश्य करें, ताकि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। यह अभियान बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

हादसे के बाद खुली प्रशासन की नींद

जिला प्रशासन का एक कदम सराहनीय है लेकिन अगर यह कदम पहले उठाया जाता तो एक बच्चे की जान बच जाती। आपको ज्ञात हो कि पिछले महीने एक छोटे बच्चों ने स्कूली बस की खस्ता हालत के कारण अपनी जान गवाई थीं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ काफी गुस्सा था। साथ हीं निजी विद्यालयों की लापरवाही और मनमानी पर जमकर नारेबाजी की थी। लोग प्रशासन की ढलाई से काफी नाराज दिख रहे थे उनका कहना था कि प्रशासन और जिला परिवहन विभाग अगर अपना काम सही से करते तो एक बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। 

बहरहाल यह एक सराहनीय पहल है और यह वाहन जांच अभियान समय-समय पर की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे से बचा जा सके।

AK
Author: AK

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