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Gayaji News: डीएफसी परियोजना में अंडरपास की मांग तेज, किसानों ने रेल मंत्रालय से लगाई गुहार

गया के गेरे गांव में DFC परियोजना को लेकर किसानों ने अंडरपास और जल निकासी व्यवस्था की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि पानी का बहाव रुकने से खेती और गांव पर बड़ा संकट आ सकता है।
Demand For Underpass in Gayaji

जल निकासी बाधित होने से खेती और गांव पर मंडरा रहा संकट

Gayaji News: गया जिले के फतेहपुर-मानपुर क्षेत्र स्थित गेरे गांव के किसानों ने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) परियोजना के तहत चल रहे रेलवे निर्माण कार्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है। गांव के दर्जनों किसानों ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर रेल मंत्रालय और रेलवे अधिकारियों से अंडरपास, ब्रिज और जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है।

गांव के निवासी श्याम नंदन सिंह के नेतृत्व में किसानों ने कहा कि यदि समय रहते अंडरपास और पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई, तो गांव की बड़ी आबादी और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है। किसानों का कहना है कि गांव में लगभग 200 घर हैं और रेलवे लाइन निर्माण के कारण लोगों की आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका है।

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खेतों में जलजमाव और बंजर होने का खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि गेरे गांव में रेलवे लाइन निर्माण के लिए मिट्टी भराई का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इससे खेतों में पानी की प्राकृतिक निकासी बाधित हो सकती है, जिसके कारण जलजमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न होने की संभावना है।

किसानों का कहना है कि यदि पानी का बहाव रुक गया तो गांव का बड़ा हिस्सा धीरे-धीरे बंजर बनने की स्थिति में पहुंच सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि खेती योग्य भूमि प्रभावित होने से किसानों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।

कृषि यंत्रों की आवाजाही होगी प्रभावित

ग्रामीणों ने कहा कि खेती-किसानी के लिए ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरणों का खेतों तक पहुंचना बेहद जरूरी है। लेकिन यदि रेलवे लाइन के नीचे पर्याप्त अंडरपास नहीं बनाया गया, तो किसानों को खेतों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्तावित रेलवे लाइन गांव के बीचों-बीच गुजर रही है, जिससे गांव तीन तरफ से रेल लाइन से घिर जाएगा और ग्रामीणों की सामान्य आवाजाही प्रभावित होगी।

फल्गु नदी की सिंचाई व्यवस्था पर भी असर की आशंका

ग्रामीणों ने बताया कि गांव की सिंचाई मुख्य रूप से फल्गु नदी से निकलने वाली पइन और आहर व्यवस्था पर निर्भर है। रेलवे लाइन निर्माण के बाद पानी के प्राकृतिक बहाव में रुकावट आने की आशंका है, जिससे सिंचाई व्यवस्था बाधित हो सकती है।

किसानों का कहना है कि कई इलाकों में पहले से ही पानी की समस्या बनी हुई है और यदि जल निकासी का उचित इंतजाम नहीं किया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

गेरे गांव के किसानों ने रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड और पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य अभियंता से मांग की है कि निर्माण कार्य के साथ-साथ अंडरपास, ब्रिज और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि खेती का मौसम शुरू होने वाला है और ऐसे समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो फसल और किसानों की आजीविका दोनों प्रभावित होंगी।

Abhishek Kumar
Author: Abhishek Kumar

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