संस्कृति मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक, वैश्विक पहचान मिलने से पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
जहानाबाद। जिले की ऐतिहासिक विरासत बराबर एवं नागार्जुनी गुफाओं को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। इन प्राचीन गुफाओं को यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर सूची (टेंटेटिव लिस्ट) में शामिल कराने के लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और जहानाबाद की जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से बराबर एवं नागार्जुनी गुफाओं की ऐतिहासिक महत्ता, मौर्यकालीन स्थापत्य कला, पुरातात्विक विशेषताओं और पर्यटन विकास की संभावनाओं को विस्तार से प्रस्तुत किया। इन गुफाओं की विशिष्ट बनावट और प्राचीन इतिहास को देखते हुए इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस पहल में राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति के योगदान के लिए जिला प्रशासन ने उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इन ऐतिहासिक गुफाओं को वैश्विक पहचान दिलाने के विषय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया। साथ ही, उच्चस्तरीय बैठक आयोजित करने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए बिहार सरकार के प्रति भी आभार जताया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि बराबर एवं नागार्जुनी गुफाएं बिहार की अमूल्य ऐतिहासिक धरोहर हैं। इन्हें वैश्विक पहचान मिलने से न केवल इनके संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों के सृजन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य इन ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करना है। यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की दिशा में की गई यह पहल जहानाबाद के साथ-साथ पूरे बिहार के लिए गौरव का विषय है।
Jehanabad News: Efforts to secure World Heritage status for the Barabar and Nagarjuni caves gain momentum; a push is underway to have them included in UNESCO’s tentative list.



















