बिहार के 24 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात का यलो अलर्ट जारी। 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी।
Bihar Rain Alert: Storm Warning in 24 Districts
बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 24 जिलों में यलो अलर्ट
प्रस्तावना
बिहार में इन दिनों मौसम लगातार करवट बदल रहा है। सुबह तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है, तो शाम होते-होते तेज आंधी और बारिश जनजीवन को प्रभावित कर रही है। मौसम विभाग ने एक बार फिर राज्य के कई हिस्सों में खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार के 24 जिलों में तेज हवाओं, भारी बारिश और वज्रपात की संभावना है। इसको देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
लगातार हो रही बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में तैयार फसलें बर्बाद हो रही हैं और आम-लीची के बागानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। आइए विस्तार से जानते हैं कि बिहार में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज क्या संकेत दे रहा है और किन जिलों में सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।

बिहार के 24 जिलों में यलो अलर्ट
किन जिलों में ज्यादा खतरा?
मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में खराब मौसम की संभावना जताई गई है उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई शामिल हैं।
इन इलाकों में तेज हवा के साथ गरज-चमक और मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा
आंधी से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
मौसम विभाग का कहना है कि कई जिलों में तेज धूलभरी आंधी चल सकती है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभे गिरने, पेड़ टूटने और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और टीन शेड वाले घरों को नुकसान हो सकता है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
विशेषज्ञों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
- खुले मैदान में जाने से बचें
- पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग करें
- वज्रपात के समय सुरक्षित इमारत में रहें
बिहार में सामान्य से 186 प्रतिशत ज्यादा बारिश
रिकॉर्ड बारिश ने बढ़ाई चिंता
पिछले 24 घंटों में बिहार में सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, जहां सामान्य तौर पर 32.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं इस बार 94.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
यह सामान्य से करीब 186 प्रतिशत अधिक है। इतनी ज्यादा बारिश ने कई जिलों में जलभराव की स्थिति पैदा कर दी है।
पटना समेत कई जिलों में असर
राजधानी पटना में भी तेज बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे ट्रैफिक प्रभावित हुआ।
इसके अलावा किशनगंज, अररिया और बगहा जैसे सीमावर्ती इलाकों में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई।
तापमान में आई गिरावट
गर्मी से मिली राहत
लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
कैमूर का भभुआ जिला 36.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि फॉरबिसगंज, गया और डेहरी में न्यूनतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
इस बदलाव के कारण लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। हालांकि मौसम में नमी बढ़ने से कई जगह उमस भी महसूस की जा रही है।
पटना का मौसम कैसा रहेगा?
मौसम विभाग के अनुसार पटना में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन भारी बारिश की संभावना कम है।
हालांकि वातावरण में उमस बनी रह सकती है और अधिकतम तापमान 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
किसानों के लिए आफत बनी बारिश
फसलों को भारी नुकसान
जहां आम लोगों को बारिश से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह मौसम मुसीबत बन गया है।
गेहूं की कटी हुई फसलें खेतों में भीग रही हैं, जिससे अनाज खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कई किसानों ने अभी फसल की कटाई पूरी नहीं की थी, ऐसे में बारिश ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
सब्जियों और फलों की खेती पर असर
सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा है। जलभराव के कारण खेतों में लगी सब्जियां सड़ने लगी हैं।
इसके अलावा तेज हवाओं के कारण आम और लीची के पेड़ों से कच्चे फल गिर रहे हैं। इससे बागवानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मौसम में बदलाव की क्या है वजह?
प्री-मानसून गतिविधियां हुईं तेज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार में इस समय प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है।
इसी वजह से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन रही है।
अगले कुछ दिन और मुश्किल भरे
विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।
कई जिलों में फिर से तेज बारिश और वज्रपात हो सकता है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
मई के दूसरे सप्ताह से बढ़ेगी गर्मी
लू चलने की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि मई के दूसरे सप्ताह से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
जैसे ही बारिश की गतिविधियां कम होंगी, पछुआ हवाओं का असर बढ़ेगा और तापमान तेजी से ऊपर जाएगा।
भीषण गर्मी के लिए रहें तैयार
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मई के मध्य तक बिहार के कई हिस्सों में लू चल सकती है।
इसलिए लोगों को अभी से गर्मी से बचाव की तैयारी करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन भी हुआ अलर्ट
आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है।
जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग और स्वास्थ्य विभाग को भी सतर्क रहने को कहा गया है।
स्कूलों और किसानों को सलाह
कुछ जिलों में स्कूलों को भी मौसम पर नजर रखने को कहा गया है। वहीं किसानों को फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने और खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
निष्कर्ष
बिहार में लगातार बदलता मौसम लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है। एक तरफ बारिश ने भीषण गर्मी से राहत दी है, तो दूसरी तरफ तेज आंधी और वज्रपात ने जनजीवन को प्रभावित किया है।
सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है, जिनकी फसलें बारिश और तेज हवाओं से नुकसान झेल रही हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है।
आने वाले समय में बिहार को एक बार फिर भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी होगा।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !


















