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Agra-Lucknow Expressway Bus Accident: बिहार जा रही बस आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हादसे का शिकार, 6 की मौत

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार स्लीपर बस पलटने से बिहार पुलिस के दारोगा और एक कैदी समेत छह लोगों की मौत हो गई। कई यात्री घायल हैं। Agra-Lucknow Expressway Bus Accident: 6 Dead सुबह का सफर अचानक मातम में बदला, एक्सप्रेसवे पर पलटी तेज रफ्तार बस उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह हुआ … Read more

Agra-Lucknow Expressway Bus Accident: 6 Dead

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार स्लीपर बस पलटने से बिहार पुलिस के दारोगा और एक कैदी समेत छह लोगों की मौत हो गई। कई यात्री घायल हैं।

Agra-Lucknow Expressway Bus Accident: 6 Dead



सुबह का सफर अचानक मातम में बदला, एक्सप्रेसवे पर पलटी तेज रफ्तार बस

उत्तर प्रदेश के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दुख छोड़ गया। दिल्ली से बिहार जा रही एक स्लीपर बस औरास क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बस में सवार कई यात्री गहरी नींद में थे और किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही सेकंड में सफर चीख-पुकार में बदल जाएगा।

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इस हादसे में बिहार पुलिस के एक दारोगा, एक कैदी समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 से ज्यादा यात्री घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे की वजह ड्राइवर को आई झपकी मानी जा रही है। बस करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी।


कैसे हुआ हादसा? कुछ सेकंड में पलट गई पूरी बस

जानकारी के अनुसार श्री सरोज ट्रैवल्स की स्लीपर बस दिल्ली से बिहार जा रही थी। बस में करीब 45 यात्री सवार थे। सुबह करीब छह बजे जब बस औरास क्षेत्र के निंभाखेड़ा के पास पहुंची, तभी ड्राइवर को झपकी आ गई।

बस का संतुलन बिगड़ गया और पीछे का हिस्सा अंडरपास के कंक्रीट डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि बस अचानक बाईं ओर मुड़ी और एल्युमिनियम गार्ड रेल तोड़ते हुए भारी वाहनों वाली लेन में पलट गई।

उस वक्त अधिकतर यात्री सो रहे थे। बस के पलटते ही कई लोग सीटों से उछलकर नीचे गिर पड़े। कुछ यात्री एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। कुछ लोग बस के अंदर ही फंस गए। हादसे के बाद कुछ पल तक किसी को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।


राहत और बचाव में तेजी, पुलिस और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची

हादसे के करीब दस मिनट बाद यूपीडा और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। आसपास मौजूद लोगों ने भी मदद शुरू कर दी।

बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया। घायल लोगों को पहले औरास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां से गंभीर रूप से घायल लोगों को लखनऊ के केजीएमयू रेफर किया गया।

क्रेन की मदद से पलटी बस को हटाया गया ताकि एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक दोबारा शुरू कराया जा सके।

करीब एक घंटे तक भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। मौके पर जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी भी पहुंचे और हालात का जायजा लिया।


दारोगा और कैदी भी थे बस में, लौट रहे थे बिहार

हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि बस में बिहार पुलिस के दारोगा रविचरण भी मौजूद थे।

बताया गया कि वह एक कैदी को दिल्ली लेकर गए थे। जरूरी कानूनी प्रक्रिया और बयान दर्ज कराने के बाद दोनों वापस बिहार लौट रहे थे।

हादसे में दारोगा रविचरण और कैदी छत्रपाल की मौत हो गई। उनके साथ मौजूद एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।

इस घटना के बाद बिहार पुलिस विभाग में भी शोक का माहौल है।


मृतकों की सूची ने बढ़ाई चिंता

हादसे में जिन लोगों की मौत हुई उनमें अलग-अलग राज्यों के यात्री शामिल हैं।

मृतकों में—

  • दारोगा रविचरण, सिवान, बिहार
  • छत्रपाल तोमर, हरियाणा
  • सुरेश कुमार जायसवाल, गोरखपुर
  • विजेशी गुप्ता, गोरखपुर
  • विजय कुमार, बस्ती
  • एक अन्य व्यक्ति जिसकी पहचान अभी बाकी है

शामिल बताए जा रहे हैं।

एक अज्ञात शव की पहचान करने की कोशिश जारी है।


घायलों में बिहार और पूर्वांचल के कई यात्री

घायल यात्रियों में बिहार, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर और दिल्ली के लोग शामिल हैं।

कई परिवारों को हादसे की खबर फोन पर मिली। कुछ लोग सीधे अस्पताल पहुंचे तो कुछ एक्सप्रेसवे की ओर रवाना हो गए।

परिजनों की चिंता और अस्पताल के बाहर बेचैनी साफ देखी गई।


एक झपकी और कई जिंदगी बदल गईं

सड़क हादसों में तेज रफ्तार और थकान सबसे बड़े कारण माने जाते हैं।

लंबे रूट पर चलने वाले बस और ट्रक चालकों को लगातार कई घंटे वाहन चलाना पड़ता है। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ड्राइवर की नींद सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है।

खासकर सुबह के समय शरीर की थकान ज्यादा महसूस होती है। अगर पर्याप्त आराम न मिले तो प्रतिक्रिया देने की क्षमता कम हो जाती है।

इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


एक्सप्रेसवे पर पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त और तेज रफ्तार मार्गों में गिना जाता है।

यह सड़क यात्रा को आसान जरूर बनाती है, लेकिन तेज रफ्तार के कारण यहां हादसों का खतरा भी बना रहता है।

बीते कुछ वर्षों में इस एक्सप्रेसवे पर कई बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं।

कभी ओवरस्पीड, कभी टायर फटना और कई बार ड्राइवर की थकान बड़ी वजह बनी है।

यही कारण है कि सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार लंबे रूट पर चलने वाले वाहनों के लिए बेहतर निगरानी और ड्राइवर रेस्ट सिस्टम की मांग उठाते रहे हैं।


यात्रियों ने बताया हादसे का डरावना मंजर

हादसे में बच गए कुछ यात्रियों ने बताया कि अचानक जोरदार आवाज आई और कुछ ही पल में पूरी बस पलट गई।

जो लोग ऊपर की बर्थ पर थे, वे नीचे गिर पड़े।

कई लोगों को समझ ही नहीं आया कि बाहर कैसे निकलें।

कुछ यात्रियों ने एक-दूसरे को पकड़कर बाहर निकलने में मदद की।

एक घायल यात्री ने बताया कि बस पलटते ही बच्चों और महिलाओं की आवाजें सुनाई देने लगीं और कुछ सेकंड के लिए पूरा माहौल बेहद डरावना हो गया।


प्रशासन की निगरानी, जांच भी शुरू

जिला प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है।

यह पता लगाया जा रहा है कि—

  • ड्राइवर ने कितने घंटे लगातार गाड़ी चलाई थी
  • बस की तकनीकी स्थिति कैसी थी
  • क्या सुरक्षा नियमों का पालन हुआ था
  • वाहन की स्पीड कितनी थी
  • हादसे के समय सड़क की स्थिति क्या थी

इन सभी पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।


सड़क सुरक्षा पर फिर बड़ा सवाल

यह हादसा सिर्फ एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि चेतावनी भी है।

तेज रफ्तार और थकान का असर कितनी जल्दी बड़ा नुकसान कर सकता है, यह इस घटना में साफ दिखा।

सफर लंबा हो तो ड्राइवर के आराम, वाहन की फिटनेस और सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी हो जाता है।

अगर समय रहते सावधानी न बरती जाए तो कुछ सेकंड में कई परिवारों की दुनिया बदल सकती है।


निष्कर्ष

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुआ यह दर्दनाक हादसा कई सवाल छोड़ गया है।

दिल्ली से बिहार जा रही एक स्लीपर बस का सफर अचानक मौत और अफरा-तफरी में बदल गया। छह लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हैं।

जो लोग अपने घर लौट रहे थे, उनके परिवारों को ऐसी खबर मिलेगी, शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा।

अब उम्मीद यही है कि घायल जल्दी स्वस्थ हों और जांच में सामने आए कारणों के आधार पर भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

AK
Author: AK

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