तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर नया सियासी मोड़। विजय की TVK को रोकने के लिए DMK और AIADMK के साथ आने की चर्चा तेज।
Tamil Nadu Twist: DMK-AIADMK to Stop Vijay?
तमिलनाडु में बदलते समीकरण, क्या विजय की राह में खड़ी होगी नई सियासत?
प्रस्तावना
तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है। विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सबसे बड़ी पार्टी बनने का रिकॉर्ड बनाया है। लेकिन सत्ता की कुर्सी तक पहुंचने के लिए अभी भी विजय को जरूरी बहुमत का इंतजार है।
इसी बीच राज्य की राजनीति में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। वर्षों से एक-दूसरे के राजनीतिक विरोधी रहे द्रमुक (DMK) और अन्नाद्रमुक (AIADMK) के बीच संभावित समझौते की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि दोनों दल विजय को सत्ता से दूर रखने के लिए रणनीति बना सकते हैं।
कांग्रेस द्वारा TVK को समर्थन देने के बाद तमिलनाडु का राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है। राज्यपाल की भूमिका, गठबंधन की राजनीति और बहुमत के आंकड़े ने पूरे घटनाक्रम को और रोमांचक बना दिया है।
तमिलनाडु में सत्ता का गणित क्यों फंसा?
TVK सबसे बड़ी पार्टी लेकिन बहुमत से दूर
234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनने में सफलता हासिल की। यह प्रदर्शन इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि TVK पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही थी।
हालांकि सरकार बनाने के लिए 117 सीटों का समर्थन जरूरी है। विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं, इसलिए उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। ऐसे में पार्टी की प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी।
कांग्रेस के पांच विधायकों का समर्थन मिलने के बाद भी TVK को कम से कम पांच और विधायकों की जरूरत है। यही कारण है कि सरकार गठन को लेकर असमंजस बना हुआ है।
कांग्रेस के समर्थन से क्यों भड़की DMK?
गठबंधन राजनीति में बड़ा झटका
तमिलनाडु में कांग्रेस लंबे समय से DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा रही है। ऐसे में कांग्रेस का TVK को समर्थन देना DMK को बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
DMK नेताओं ने इसे “विश्वासघात” और “पीठ में छुरा घोंपने” जैसा कदम बताया है। पार्टी प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जनता के जनादेश का अपमान किया है।
DMK का कहना है कि जिन वोटरों ने गठबंधन को वोट दिया, वे DMK के नेतृत्व वाली सरकार चाहते थे, न कि TVK के साथ नया समीकरण।
कांग्रेस का क्या तर्क है?
कांग्रेस का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य भाजपा को सत्ता से दूर रखना है। पार्टी के नेताओं के अनुसार, अगर TVK धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने की दिशा में आगे बढ़ती है, तो उसका समर्थन करना गलत नहीं है।
इसी तर्क के आधार पर कांग्रेस ने विजय को समर्थन देने का फैसला किया।
क्या DMK और AIADMK साथ आ सकते हैं?
तमिल राजनीति में बड़ा बदलाव संभव?
तमिलनाडु की राजनीति में DMK और AIADMK दशकों से एक-दूसरे के सबसे बड़े विरोधी रहे हैं। दोनों दलों की विचारधारा, नेतृत्व और राजनीतिक आधार अलग-अलग रहे हैं।
लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यह चर्चा तेज है कि विजय को रोकने के लिए दोनों दल किसी प्रकार की रणनीतिक समझ बना सकते हैं।
क्यों जरूरी हो सकता है यह गठजोड़?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि TVK का तेजी से उभरना दोनों द्रविड़ दलों के लिए खतरे की घंटी बन गया है।
अगर विजय सत्ता में आते हैं, तो राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को बड़ा नुकसान हो सकता है। इसलिए दोनों पुराने दल अस्थायी रणनीतिक सहयोग पर विचार कर सकते हैं।
हालांकि अभी तक किसी भी दल ने आधिकारिक रूप से इस तरह की संभावना स्वीकार नहीं की है।
AIADMK विधायकों को रिजॉर्ट क्यों भेजा गया?
राजनीतिक हलचल के बीच बढ़ी अटकलें
तमिलनाडु में राजनीतिक गतिविधियों के बीच AIADMK के कई नवनिर्वाचित विधायकों को पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट में भेजे जाने की खबरों ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
हालांकि पार्टी ने इसे सामान्य बैठक बताया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे “ऑपरेशन बचाव” के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या टूट-फूट का डर?
विशेषज्ञों का मानना है कि TVK बहुमत जुटाने के लिए छोटे दलों और अन्य विधायकों से संपर्क कर रही है। ऐसे में AIADMK अपने विधायकों को सुरक्षित रखने की कोशिश कर सकती है।
भारतीय राजनीति में पहले भी कई बार ऐसे मौके आए हैं जब सरकार गठन के दौरान विधायकों को रिजॉर्ट में रखा गया।
राज्यपाल की भूमिका क्यों अहम हो गई?
विजय के दावे पर अभी फैसला नहीं
कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया।
लेकिन अब तक राज्यपाल की ओर से कोई औपचारिक निर्णय सामने नहीं आया है।
सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल बहुमत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं और वे पहले स्पष्ट समर्थन पत्र देखना चाहते हैं।
विधानसभा में बहुमत परीक्षण की मांग
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बहुमत साबित करने का सही स्थान विधानसभा है, न कि राजभवन।
उनका आरोप है कि राज्यपाल अनावश्यक देरी कर रहे हैं और इससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है।
छोटे दल बन सकते हैं किंगमेकर
किसके पास कितनी सीटें?
तमिलनाडु विधानसभा की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
- TVK – 108
- DMK – 59
- AIADMK – 47
- कांग्रेस – 5
- PMK – 4
- IUML – 2
- CPI – 2
- CPI(M) – 2
- VCK – 2
- BJP – 1
- DMDK – 1
- AMMK – 1
इन आंकड़ों से साफ है कि छोटे दलों की भूमिका बेहद अहम हो गई है।
किन दलों पर नजर?
TVK की नजर फिलहाल वाम दलों, VCK और IUML जैसे दलों पर है। अगर इनमें से कुछ दल समर्थन देते हैं, तो विजय बहुमत के करीब पहुंच सकते हैं।
लेकिन अभी तक इन दलों ने खुलकर समर्थन का संकेत नहीं दिया है।
क्या दोबारा चुनाव की नौबत आ सकती है?
राजनीतिक अस्थिरता का खतरा
अगर कोई भी दल स्पष्ट बहुमत साबित नहीं कर पाता, तो तमिलनाडु में राजनीतिक संकट गहरा सकता है।
ऐसी स्थिति में राष्ट्रपति शासन लगाने और फिर से चुनाव कराने की संभावना भी बन सकती है।
हालांकि राजनीतिक दल इस स्थिति से बचना चाहेंगे क्योंकि दोबारा चुनाव आर्थिक और राजनीतिक दोनों रूप से चुनौतीपूर्ण होंगे।
विजय की राजनीति ने क्यों बदला तमिलनाडु?
युवाओं में बढ़ी लोकप्रियता
विजय ने अपने चुनाव अभियान में सामाजिक न्याय, भ्रष्टाचार विरोध और युवा राजनीति को प्रमुख मुद्दा बनाया।
उनकी सभाओं में बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी ने संकेत दिया कि तमिलनाडु में नई राजनीतिक सोच उभर रही है।
द्रविड़ राजनीति को चुनौती
पिछले कई दशकों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है।
लेकिन TVK की एंट्री ने इस पारंपरिक राजनीति को नई चुनौती दी है। यही वजह है कि अब राज्य में नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।
निष्कर्ष
तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद नाजुक दौर से गुजर रही है। विजय की TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर जरूर उभरी है, लेकिन सत्ता तक पहुंचने की राह अभी आसान नहीं दिख रही।
कांग्रेस का समर्थन मिलने के बाद भी बहुमत का गणित पूरी तरह उनके पक्ष में नहीं है। दूसरी ओर DMK और AIADMK के संभावित समीकरण ने राजनीतिक माहौल को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है।
अब सबकी नजर राज्यपाल के अगले कदम और छोटे दलों के फैसले पर टिकी हुई है। आने वाले कुछ दिन तमिलनाडु की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।
Author: AK
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