पूर्व कमिश्नर अरुण कुमार की पहल से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ, जहानाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी
जहानाबाद। आर्थिक रूप से कमजोर और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के पूर्व कमिश्नर अरुण कुमार ने एक अनूठी पहल शुरू की है। गंगा घाट की सीढ़ियों पर विद्यार्थियों को निःशुल्क पढ़ाने से शुरू हुआ उनका यह सफर अब डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच गया है। अब ‘अरुण सर गंगा घाट’ मोबाइल ऐप के माध्यम से विद्यार्थी मात्र 101 रुपये मासिक शुल्क देकर घर बैठे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। इस पहल का लाभ जहानाबाद सहित बिहार के सभी जिलों के विद्यार्थियों को मिल सकेगा।
सोमवार को जहानाबाद के एक निजी रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व कमिश्नर अरुण कुमार ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी इस पहल के उद्देश्यों और डिजिटल माध्यम से शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने की योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल पटना तक सीमित रहना नहीं, बल्कि बिहार के प्रत्येक जिले में जाकर विद्यार्थियों को जागरूक करना और उन्हें शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। आर्थिक तंगी के कारण जिन विद्यार्थियों को महंगी कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने में परेशानी होती है, वे भी इस ऐप के माध्यम से अपनी तैयारी जारी रख सकते हैं।
गंगा घाट की सीढ़ियों से शुरू हुई मार्गदर्शन की यात्रा
अरुण कुमार ने बताया कि गंगा घाट के आसपास विद्यार्थियों को पढ़ते देखकर उनके मन में जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा और मार्गदर्शन देने का विचार आया। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2023 में पटना के गंगा घाट की सीढ़ियों पर विद्यार्थियों को पढ़ाना शुरू किया। धीरे-धीरे इस पहल से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुड़ने लगे। विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या और उनकी जरूरतों को देखते हुए उन्होंने इस प्रयास को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया।
उन्होंने बताया कि गंगा घाट से शुरू हुई यह पहल अब गांधी घाट (एनआईटी घाट) और गांधी मैदान स्थित गेट नंबर-2 तक विस्तारित हो चुकी है। यहां विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन दिया जाता है। उनका प्रयास है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आर्थिक परिस्थितियों के कारण अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटना पड़े।
मोबाइल और लैपटॉप से घर बैठे कर सकेंगे पढ़ाई
अरुण कुमार ने कहा कि हर विद्यार्थी के लिए पटना आकर कोचिंग करना संभव नहीं है। कई विद्यार्थी ऐसे हैं, जो आर्थिक तंगी या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण दूसरे शहरों में रहकर पढ़ाई नहीं कर सकते। ऐसे विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए ‘अरुण सर गंगा घाट’ ऐप शुरू किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपने घर या अपने क्षेत्र में रहकर मोबाइल और लैपटॉप की मदद से पढ़ाई कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें पटना आने की आवश्यकता नहीं होगी।
उन्होंने बताया कि ऐप के माध्यम से विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, टेस्ट सीरीज, लाइव कक्षाओं और परीक्षा की तैयारी से संबंधित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। विद्यार्थी अपनी तैयारी के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान भी ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकेंगे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य कम खर्च में अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सही मार्गदर्शन पहुंचाना है।
यूपीएससी से शिक्षक भर्ती तक की तैयारी का मिलेगा मार्गदर्शन
अरुण कुमार के अनुसार, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यूपीएससी, बीपीएससी, दरोगा भर्ती, कांस्टेबल भर्ती, टीआरई-4 शिक्षक भर्ती और लाइब्रेरियन पात्रता परीक्षा सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ ही अंग्रेजी, रीजनिंग, गणित और सामान्य ज्ञान जैसे विषयों की पढ़ाई में भी विद्यार्थियों को सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि केवल प्रेरित होने से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल नहीं की जा सकती। इसके लिए सही दिशा, स्पष्ट लक्ष्य, समयबद्ध अध्ययन योजना, नियमित अभ्यास, टेस्ट और लगातार मार्गदर्शन की जरूरत होती है। विद्यार्थियों को इन सभी पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए, ताकि वे अपनी तैयारी को बेहतर बना सकें।
शिक्षा से बदल सकता है समाज का माहौल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद टीम की सदस्य रश्मि कुमारी ने भी विद्यार्थियों से इस शैक्षणिक पहल से जुड़ने और शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। वहीं, अरविंद कुमार ने कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। जब विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
अरुण कुमार ने कहा कि उनकी कोशिश है कि आर्थिक स्थिति किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई और सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बने। मात्र 101 रुपये के मासिक शुल्क पर उपलब्ध कराई जा रही इस सुविधा के माध्यम से वे अधिक से अधिक युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करना चाहते हैं। उन्होंने जहानाबाद के विद्यार्थियों से भी इस पहल से जुड़कर अपने शैक्षणिक और करियर संबंधी लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।
Bihar News: An educational journey that began on the steps of a Ganga ghat will now reach across the country via an app; preparation for competitive exams will be available for a monthly fee of ₹101.



















