
Asaram, Serving Sentence for Minor’s Rape, Released from Jail After 11 Years
जोधपुर में नाबालिग से रेप के मामले में जेल में बंद आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अपने ही आश्रम की एक शिष्या के साथ यौन दुराचार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को आखिरकार करीब 11 साल 7 महीने बाद मंगलवार को पहली बार अंतरिम जमानत मिल गई है। आसाराम का आश्रम जोधपुर के पाल गांव में है। अस्पताल के बाहर उसके समर्थकों की भीड़ मौजूद थी। समर्थकों ने फूलमाला पहनाकर उसका स्वागत किया। आश्रम पहुंचने पर उसके सेवादारों ने आतिशबाजी की। जोधपुर के मनाई आश्रम में एक नाबालिग से रेप के बाद 2 सितंबर 2013 को आसाराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। 25 अप्रैल 2018 को जोधपुर की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट उसे दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।आसाराम ने जमानत के लिए बड़े से बड़े वकीलों की फौज खड़ी कर दी थी। कोई भी उसे जमानत नहीं दिलवा पाया था। इसमें राम जेठमलानी, सलमान खुर्शीद, ओंकार सिंह लखावत, सीवी नागेश केटीएस तुलसी, केके मेनन, पोस पोले और डॉ सुब्रमण्यम स्वामी जैसे नाम शामिल हैं।
इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को इलाज के लिए नवंबर और दिसंबर में अंतरिम पैरोल भी दी थी, जिसमें उन्हें पुणे स्थित माधव बाग अस्पताल में इलाज करवाने की अनुमति दी गई थी। इस दौरान उन्हें पुलिस सुरक्षा में अस्पताल में इलाज करना था और अनुयायियों से मिलना भी मना था। आसाराम को 31 अगस्त 2013 को जोधपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था और तब से वह जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद था। अब 11 साल बाद उसे बड़ी राहत मिली है। मंगलवार को हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद बड़ी राहत मिली। अब 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दी गई है।
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Author: AK
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