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Kameshwar Chaupal Death: भाजपा के वरिष्ठ नेता और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल का निधन, चौपाल ने हीं रखी थी राम मंदिर की पहली ईंट

भाजपा के वरिष्ठ नेता, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी और बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य कामेश्वर चौपाल का आज दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया है। कामेश्वर चौपाल पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे।बता दें कि कामेश्वर चौपाल ने ही राम मंदिर निर्माण के लिए पहली ईंट रखी … Read more

Kameshwar Chaupal Death; Kar Sevak Who Laid First Brick for Ram Mandir in Ayodhya Passes Away in Delhi
Kameshwar Chaupal Death; Kar Sevak Who Laid First Brick for Ram Mandir in Ayodhya Passes Away in Delhi
Kameshwar Chaupal Death; Kar Sevak Who Laid First Brick for Ram Mandir in Ayodhya Passes Away in Delhi

भाजपा के वरिष्ठ नेता, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी और बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य कामेश्वर चौपाल का आज दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया है। कामेश्वर चौपाल पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे थे।बता दें कि कामेश्वर चौपाल ने ही राम मंदिर निर्माण के लिए पहली ईंट रखी थी। संघ ने उन्हें प्रथम कार सेवक का दर्जा दिया था।

बिहार के मधुबनी से रखते थे संबंध:

बता दें कि कामेश्वर चौपाल ने अपनी पढ़ाई-लिखाई मधुबनी जिले से की थी। यहीं वे संघ के संपर्क में आए थे। उनके एक अध्यापक संघ के कार्यकर्ता हुआ करते थे। संघ से जुड़े उसी अध्यापक की मदद से कामेश्वर को कॉलेज में दाखिला मिला था। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद ही वे संघ के प्रति पूरी तरह से समर्पित हो चुके थे। इसके बाद उन्हें मधुबनी जिले का जिला प्रचारक बना दिया गया था।

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RSS ने दिया था पहले कारसेवक का दर्जा:

मालूम हो कि भगवान श्रीराम का नाता बिहार से भी रहा है। साल 1989 में जब राम मंदिर की नींव के लिए पहली ईंट रखने की बात थी तब ईट रखने के साथ ही चौपाल इतने मशहूर हो गए कि वे दो बार बिहार विधान परिषद के सदस्य भी बने। भाजपा के वरिष्ठ नेता कामेश्वर चौपाल दलित समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने 1989 के राम मंदिर आंदोलन के समय हुए शिलान्यास में कामेश्वर ने ही राम मंदिर की पहली ईंट रखी थी।
आरएसएस ने उन्हें पहले कारसेवक का दर्जा दिया है। वह 1991 में रामविलास पासवान के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुके हैं।

मां सीता की धरती से भी है चौपाल का रिश्ता:

सीतामढ़ी को भगवान राम की पत्नी सीता का जन्म स्थान माना जाता है। कामेश्वर चौपाल की पत्नी भी बिहार के सीतामढ़ी की रहने वाली थीं। तब से लेकर सीतामढ़ी और अयोध्या के रिश्ते को प्रगाढ़ माना जाता है। जब अयोध्या में राममंदिर के बनाने के लिए संघर्ष चल रहा था, तब विश्व हिन्दू परिषद के आह्वान पर राममंदिर के निर्माण के लिए बिहार से कामेश्वर चौपाल भी ईंट लेकर अयोध्या पहुंचे थे।

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Author: AK

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