जीएनएम प्रशिक्षण संस्थान में लैब टेक्निशियनों और स्वास्थ्यकर्मियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
जहानाबाद जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नाइट ब्लड सर्वे की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सदर अस्पताल परिसर स्थित जीएनएम प्रशिक्षण संस्थान में लैब टेक्निशियनों और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार से शुरू हुआ। प्रशिक्षण में स्वास्थ्यकर्मियों को नाइट ब्लड सर्वे के दौरान रक्त के नमूने लेने, उन्हें सुरक्षित रखने और जांच की प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी जा रही है।
पहले दिन तीन प्रखंडों के कर्मियों को मिला प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के पहले दिन सिकरिया, मखदुमपुर और हुलासगंज क्षेत्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम), प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक (बीसीएम), वेक्टर बॉर्न डिजीज सुपरवाइजर और लैब टेक्निशियनों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान नाइट ब्लड सर्वे के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, रक्त के नमूने एकत्र करने और उन्हें निर्धारित तरीके से जांच के लिए सुरक्षित रखने के संबंध में जानकारी दी गई।
नाइट ब्लड सर्वे फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति का पता लगाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। फाइलेरिया के परजीवी रात के समय रक्त में अधिक सक्रिय होते हैं। इसलिए निर्धारित समय पर रक्त के नमूने लेकर माइक्रोफाइलेरिया की जांच की जाती है। सर्वे से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर जिले में फाइलेरिया संक्रमण की स्थिति और उसके प्रसार का आकलन करने में स्वास्थ्य विभाग को मदद मिलती है।
बुधवार को पांच क्षेत्रों के स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामगढ़ और इरकी के साथ-साथ काको, मोदनगंज और रतनी फरीदपुर प्रखंड के स्वास्थ्य अधिकारियों एवं संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य प्रशिक्षित कर्मियों के माध्यम से नाइट ब्लड सर्वे को व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से संचालित करना है।
संक्रमण की पहचान और नियंत्रण में मिलेगी मदद
फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलने वाली बीमारी है। संक्रमण लंबे समय तक शरीर में रहने के बाद हाथ-पैर समेत शरीर के अन्य हिस्सों में असामान्य सूजन जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। ऐसे में संक्रमण की समय पर पहचान और नियंत्रण फाइलेरिया उन्मूलन के लिए महत्वपूर्ण है। नाइट ब्लड सर्वे से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक नियंत्रण एवं उपचार संबंधी रणनीति तैयार करने में स्वास्थ्य विभाग को मदद मिलेगी। जिले में स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Two-day training for lab technicians and health workers begins at the GNM Training Institute.


















