
जहानाबाद रतनी फरीदपुर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सरबजीत जी के सेवा निवृत्त होने पर आज बीआरसी भवन में एक भावुक विदाई समारोह आयोजित किया गया। प्रखंड क्षेत्र के सैकड़ों शिक्षकों ने अंग वस्त्र एवं फूल माला पहनाकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदाई दी।
विदाई समारोह के दौरान शिक्षक भावुक नजर आए। कुछ शिक्षक इतने भावनाओं में डूबे थे कि वे अपने विचार व्यक्त करने से भी बचते दिखे। इस दौरान सेवानिवृत्त प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सरबजीत जी ने उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा,
“शिक्षक अपने कर्तव्य के लिए जाने जाते हैं। आप सभी देश के निर्माता हैं। जो शिक्षा आप देंगे, वही देश का भविष्य तय करेगा। शिक्षकों का कर्म ही उनकी पूजा है, इसलिए अपने कर्तव्य के प्रति जागरूक और ईमानदार रहें।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्यकाल के दौरान किसी को कोई बात असहज लगी हो, तो उसे अन्यथा न लें। उन्होंने हमेशा शिक्षकों को कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित रहने की प्रेरणा दी। मध्य विद्यालय शकूराबाद के प्रभारी प्रधानाध्यापक अनंत कुमार ने कहा, सरबजीत जी जबसे प्रखंड में योगदान दिए, उन्होंने हमेशा शिक्षकों को अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रेरित किया। वे एक कर्तव्यनिष्ठ पदाधिकारी रहे, जिनकी कार्यशैली पर कभी कोई अंगुली नहीं उठी। आज वे बेदाग छवि के साथ सेवा निवृत्त हो रहे हैं।”
मध्य विद्यालय रतनी के प्रधानाध्यापक रामाश्रय प्रसाद ने कहा,
“सरबजीत बाबू की जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है। उनके कार्यकाल में विद्यालयों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उन्होंने शिक्षकों के साथ सामंजस्य स्थापित कर शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ावा दिया। इस अवसर पर मध्य विद्यालय चिकसौर के प्रधानाध्यापक रामाधार सिंह, उमेश कुमार, मदन कुमार, शिक्षक जुनैद अंसारी, सुरेंद्र कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे। सभी ने अंग वस्त्र एवं फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सरबजीत जी को सम्मानपूर्वक विदाई दी। समारोह के दौरान नव पदस्थापित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरेंद्र कुमार का भी शिक्षकों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। उन्हें अंग वस्त्र एवं फूल माला पहनाकर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम शिक्षा विभाग में अनुशासन और समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया, जिसमें शिक्षकों और अधिकारियों के बीच गहरा सम्मान और अपनापन झलका।



















