
Finance Minister to Present Economic Survey Today; Budget Unveiling Tomorrow Amid Political Showdown
आज 31 जनवरी है। कल 1 फरवरी को मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में पहला पूर्ण बजट पेश करने जा रही है। केंद्र सरकार के इस बजट में क्या सस्ता होगा,क्या महंगा, देशवासियों को इंतजार है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के बीच आ रहा यह बजट इस बार जरूर राहत भरा हो सकता है। संसद का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हो रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी, इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी।
1 फरवरी को वित्त मंत्री मोदी 3.0 सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करेंगी। वित्त मंत्री सीतारमण का यह लगातार आठवां बजट होगा। इस बजट में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश करेगी। दूसरी ओर विपक्ष भी कई मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरने को तैयार है। बजट में दिल्ली चुनाव का असर भी दिखाई देगा। बता दें कि संसद का ये बजट सत्र 4 अप्रैल तक चलेगा। दो चरणों में होगा संसद का बजट सत्र। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा और दूसरा चरण 10 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा। इसमें 6 बड़ी घोषणाएं की जा सकती हैं। एक्साइज ड्यूटी में कटौती से पेट्रोल और डीजल की कीमतें घट सकती है। अभी पेट्रोल पर 19.90 रुपए और डीजल पर 15.80 रुपए ड्यूटी लगती है।
इसके अलावा नए रिजीम के तहत 10 लाख रुपए तक की सालाना इनकम टैक्स-फ्री की जा सकती है।इस बजट सत्र में सरकार ने साफ किया है कि वह बजट सत्र में आम बजट के अलावा 16 बिल लेकर आएगी। इनमें वक्फ संशोधन बिल के साथ ही तीन अन्य मसौदों को भी अपने अजेंडे में रखा है। चूंकि, जेपीसी के विचार के बाद वक्फ पर रिपोर्ट स्पीकर को सौंपी जा चुकी है, ऐसे में अब इस बिल के लोकसभा में आने का रास्ता एक बार फिर साफ हो गया है। वक्फ (संशोधन) बिल के साथ मुसलमान वक्फ (निरसन) बिल भी पेश किया गया था। अन्य अहम बिलों में इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल, ‘त्रिभुवन सहकारी यूनिवर्सिटी बिल विधेयक’ प्रोटेक्शन ऑफ इनटरेस्ट्स इन एयरक्राफ्ट ऑब्जेक्ट बिल और बैकिंग लॉ संशोधन बिल, रेलवे संशोधन बिल, डिजास्टर मैनेजमेंट संशोधन बिल, बॉयलर्स बिल, कोस्टल शिपिंग और मर्चेंट शिपिंग बिल शामिल हैं।
वित्त विधेयक, 2025 और संबंधित अनुदान मांगों और विनियोग विधेयकों को भी सत्र के लिए सरकार द्वारा सूचीबद्ध किया गया है। इसमें वक्फ संशोधन के अलावा इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल ऐसे हैं, जिस पर विवाद हो सकता है। विदेशियों से जुड़े बिल से विदेशियों के भारत आने-जाने के नियमों में बदलाव हो सकते हैं। इनमें ऐसे 10 अन्य बिल भी हैं, जो पिछले सत्र से दोनों सदनों में लंबित हैं। वहीं पिछले कई संसद सत्रों की तरह इस सत्र के भी हंगामेदार होने की संभावना है।
इसकी एक झलक गुरुवार को सरकार की ओर से बुलाई सर्वदलीय बैठक में ही मिल गई, जहां विपक्ष ने अपने अजेंडों को न सिर्फ पुरजोर तरीके से सामने रखा, बल्कि वक्फ पर बनी जेपीसी की रिपोर्ट को लेकर अपना विरोध भी दर्ज कराया। वहीं, जेपीसी ने वक्फ संशोधन बिल पर विचार के बाद गुरुवार को अपनी रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंपी। बता दें कि बजट सत्र को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने गुरुवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई थी।
बैठक में सभी दलों से संसद की कार्यवाही सुचारू ढंग से चलाने के लिए सहयोग की अपील की गई, लेकिन विपक्षी दलों ने इसमें अपने इरादे साफ कर दिए। समाजवादी पार्टी ने महाकुंभ में हुए हादसे के मुद्दे पर सदन में चर्चा की मांग की और इस घटना पर पारदर्शिता के साथ जांच कराने की भी मांग की गई। राज्यसभा में कांग्रेस के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन संसद के बजट सत्र में सभी मुद्दों को उठाएगा। राज्यसभा में कांग्रेस के उप नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ संसद के बजट सत्र में सभी मुद्दों को उठाएगा।
सत्र से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से बाहर निकलते हुए तिवारी ने ‘कथित महाकुंभ’ के ‘कथित राजनीतिकरण’ की भी आलोचना की और कहा कि महाकुंभ के दौरान अतिविशष्ट लोगों के लिए आवाजाही से आम आदमी के लिए मुश्किलें पैदा हो रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस धार्मिक आयोजन के सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े वीआईपी लोगों की सभा बनने के मुद्दे को उठाएगी। तिवारी ने कहा कि सत्र के दौरान बढ़ती बेरोजगारी और किसानों की दुर्दशा का मुद्दा भी उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन आम लोगों की समस्याओं को उजागर करने के लिए सत्र में सभी मुद्दों को एक साथ उठाएगा।
यह भी पढ़े: TRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !



















