
Republic Day Clash: Uttarakhand BJP Leader and MLA Face Off, Verbal Spat Escalates to Firing
आमतौर पर उत्तराखंड में नेताओं के बीच फायरिंग, मारपीट और गैंगवार जैसे हालात देखने को नहीं मिलते हैं। रविवार को गणतंत्र दिवस के दिन उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में भाजपा नेता और पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन और मौजूदा विधायक उमेश कुमार के बीच आर-पार की ठन गई और हथियार निकल गए। बात इतनी बढ़ गई की सत्ता के गलियारों में भी हड़कंप मच गया। प्रणव सिंह चैंपियन और उमेश कुमार को एक दबंग नेता के रूप में जाना जाता है। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग जारी थी। रविवार को दोनों एक दूसरे के सामने खुलकर आ गए। उत्तराखंड के हरिद्वार में खानपुर सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पर रविवार को भाजपा के पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन ने अपने समर्थकों के साथ करीब 50 राउंड फायरिंग की। दोनों के बीच चुनावी रंजिश बताई गई है।
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शनिवार को सोशल मीडिया पर बहस हुई थी। दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ अभद्र टिप्पणी भी की थीं। इसी के बाद रविवार को पूर्व विधायक प्रणव सिंह तीन गाड़ियों से समर्थकों के साथ उमेश कुमार के कार्यालय पर पहुंचे। वे विधायक को बाहर आने के लिए ललकारने लगे। जब वो बाहर नहीं आए, तो पहले वहां मौजूद कार्यकर्ताओं से मारपीट की, फिर ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। ऑफिस में भी तोड़फोड़ की। इसका वीडियो खुद प्रणव सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर किया है।
इस फायरिंग का वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि खानपुर विधायक उमेश कुमार के कार्यालय पर तीन गाड़ियों में सवार हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। दिन दहाड़े इस ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरा इलाका गूंज गया। पूरे इलाके में पुलिस की टीम मौजूद है। फायरिंग से विधायक उमेश कुमार के घर पर जगह-जगह गोलियों के निशान बने हुए हैं और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई हैं। खानपुर में विधायक उमेश कुमार के घर पर गोलीबारी करने वाले पूर्व विधायक कुंवर चैंपियन को देहरादून पुलिस ने हिरासत में लिया है। हिरासत में लेने के बाद उन्हें नेहरू कालोनी थाने में लाया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने कहा, यह अन्याय है।
वहीं उमेश कुमार ने कहा- प्रणव सिंह अपने गुंडों के साथ आए। शीशों पर गोलियां चलाई। हवाई फायरिंग की। जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन 50 से ज्यादा फायरिंग करके गए हैं। एक महिला पत्रकार को पीटा है, बदतमीजी भी की है। उमेश कुमार ने कहा कि इन्होंने मेरी मां को लेकर अपशब्द कहे। उसके बदले में मैं इनके घर पर गया। मैंने कोई गोलीबारी या हमला नहीं किया। आज इन्होंने गोलीबारी की है। इसका जवाब मैं दूंगा। इन्हें छोडूंगा नहीं।
विधायक उमेश कुमार और पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के बीच पुरानी रंजिश है। 2022 के विधानसभा चुनाव में खानपुर सीट से दोनों एक-दूसरे के सामने थे। खानपुर सीट से 4 बार के विधायक रहे चैंपियन का टिकट काटकर भाजपा ने उनकी पत्नी कुंवरानी देवयानी को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन, देवयानी तीसरे स्थान पर रहीं और परिणाम उमेश कुमार के पक्ष में रहा। कुंवर प्रणव सिंह उमेश कुमार को बाहरी बताते रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर भी बहस होती रहती है। शनिवार को भी दोनों नेताओं के बीच सोशल मीडिया पर बहस हुई थी। प्रणव सिंह चैंपियन ने उमेश कुमार के परिवार को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी। इसके बाद उमेश कुमार ने अपने सोशल मीडिया पर लाइव आकर उन्हें जमकर गालियां दीं। इसके बाद चैंपियन के रुड़की स्थित लंढौरा कार्यालय पर पहुंचकर उमेश कुमार उन्हें ललकारा। रविवार को चैंपियन ने उमेश कुमार के कैंप कार्यालय पर हमला बोला। वहीं हरिद्वार के एसएसपी परमेंद्र सिंह डोभाल ने बताया- रुड़की से पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन ने वर्तमान विधायक उमेश कुमार के कार्यालय पर फायरिंग की है। जिस पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस घटना का कारण जानने की कोशिश कर रही है। खुद को राजा बताते हैं प्रणव चैंपियन कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन खानपुर विधानसभा से लगातार 4 बार विधायक रहे हैं। 2002 में निर्दलीय विधायक चुने गए। उसके बाद 2007 और 2012 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े और जीते। 2017 में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़कर जीते। 2022 में भाजपा के टिकट पर चैंपियन की पत्नी कुंवरानी देवयानी निर्दलीय उमेश कुमार से हार गईं। चैंपियन खानपुर की लंढौरा रियासत से ताल्लुक रखते हैं और खुद को राजा कहते हैं। उमेश कुमार कई बार जेल जा चुके हैं उमेश कुमार पेशे से पत्रकार हैं। देहरादून में उन्होंने कई साल तक पत्रकारिता की है। यूपी उत्तराखंड में संचालित समाचार प्लस न्यूज चैनल के मालिक रहे हैं। कई विवाद से भी उनका नाम जुड़ा रहा है। कई मामलों में उमेश कुमार जेल भी जा चुके हैं। 2016 में कांग्रेस की तत्कालीन सरकार गिराने में उनकी अहम भूमिका थी। हरीश रावत के स्टिंग मामले में उनका नाम भी आया था। उसके बाद त्रिवेंद्र सरकार के दौरान उनका सरकार से विवाद रहा और जेल गए। 2022 के विधानसभा चुनाव में खानपुर से पहली बार निर्दलीय चुनाव लड़ा। जीत गए।
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Author: AK
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