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यूपी की तर्ज पर उत्तराखंड पुलिस ने बाबा तरसेम सिंह के हत्यारे को ढेर कर अपराधियों को दिया सख्त संदेश

दिन सोमवार, तारीख 8 अप्रैल । स्थान धार्मिक नगरी हरिद्वार। उत्तराखंड की पुलिस और एसटीएफ ने यूपी की तर्ज पर हत्यारोपी का एनकाउंटर सीधा संदेश दे दिया कि अब इस प्रदेश में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उत्तराखंड पुलिस ने काफी लंबे समय बाद इस एनकाउंटर से उन अपराधियों को सीधे तौर पर चेतावनी भी दी है जो यह समझते हैं कि देवभूमि की धरती पर अपराध करके वह भाग जाएंगे या बच जाएंगे। अब ऐसा चलने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी लगातार कहते आ रहे हैं कि उत्तराखंड में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।चुनावी मौसम में 28 मार्च की सुबह अपराधियों ने उधमसिंह नगर के नानकमत्ता गुरुद्वारे के डेरा कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनौती दी थी। वारदात को अंजाम देकर अपराधी फरार हो गए। बाबा तरसेम सिंह हत्याकांड को लेकर पूरे उत्तराखंड में सिख समाज में भारी रोष था। 10 दिनों बाद भी जब इस हत्याकांड के अपराधी नहीं पकड़े गए तब धामी सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे। तरसेम सिंह पंजाब और तराई में सिखों के सिरमौर माने जाते थे। उनकी हत्या की जिम्मेदारी तरन तारन के गांव मियाविंड के रहने वाले सरबजीत सिंह ने ली थी। लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भी बाबा तरसेम सिंह की हत्या पर धामी सरकार पर निशाना साधा था। मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के आदेश दिए थे। बाबा तरसेम सिंह की हत्या के बाद सिख समाज में नाराजगी का मामला सामने आ रहा था। हत्यारों को पकड़ने के लिए सीएम धामी ने उत्तराखंड के डीजीपी अभिनव कुमार को भी लगा रखा था। सोमवार देर रात एक शूटर अमरजीत उर्फ बिट्टू की लोकेशन हरिद्वार में मिली तो एसटीएफ और पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर दी। आखिरकार 8 अप्रैल की रात उत्तराखंड पुलिस को नानकमत्ता गुरुद्वारे के डेरा कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या के मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने इस हत्याकांड के एक आरोपी अमरजीत सिंह को एनकाउंटर में मारा गिराया है। ये एनकाउंटर देर रात उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस ने संयुक्त रूप से चला। जिसमें एक बदमाश मारा गया। जबकि, दूसरा आरोपी वहां से भागने में कामयाब हो गया। अमरजीत सिंह को उत्तराखंड एसटीएफ और हरिद्वार पुलिस ने भगवानपुर एरिया में एनकाउंटर में मार गिराया। 48 वर्षीय अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू पुत्र सुरेंद्र सिंह पता-फतेहगढ़ चूड़ियां रोड, नगलीभट्टा, अमृतसर, पंजाब का रहने वाला था। इसके बाद डीजीपी अभिनय कुमार समेत तमाम पुलिस के आला अधिकारियों ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके इस अपराधी के एनकाउंटर जानकारी दी और अपनी पीठ भी थपथपाई। उत्तराखंड के डीजीपी अभिनव कुमार ने बताया कि बाबा तरसेम सिंह की हत्या के बाद राज्य की पुलिस और एसटीएफ लगातार दोनों आरोपियों की तलाश कर रहे थे। अभिनव कुमार ने कहा कि पुलिस ने कुख्यात शूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू को मार गिराया। इसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया था। वहीं, उसका एक साथी भागने में सफल रहा।अभिनव कुमार ने बताया कि अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टा पर यूपी के साथ ही उत्तराखंड में भी मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 1991 में थाना बिलासपुर रामपुर में अमरजीत सिंह के खिलाफ टाडा एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया था। अमरजीत सिंह ने आतंकवादियों को पनाह दी थी और उनके साथ मिलकर खालिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए थे। वर्ष 2007 में उत्तराखंड के गदरपुर में बैंक में डकैती डालने के मामले में थाना गदरपुर में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें अमरजीत सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर 6 लाख से अधिक की डकैती डाली थी और फोन भी उठाए थे।शाहजहांपुर के थाना पुवाया में भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा कस्बा पुवाया में अमरजीत सिंह ने अपने साथियों के साथ बैंककर्मियों और ग्राहकों को बंधक बनाकर 27.53 लाख की डकैती डाली थी।पेशेवर अपराधियों के लिए उत्तराखंड की पुलिस ‘काल पुलिस’ बनकर उभरेगी। बाहर से आकर प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। हत्याकांड में एक आईएएस का नाम आने के मामले में उन्होंने कहा कि जो नाम बताया था, उनके खिलाफ मुकदमा किया गया था। मामले में जांच चल रही है। यदि कुछ सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं हरिद्वार के एसएसपी परमिंदर डोभाल के मुताबिक, एसटीएफ-पुलिस और शार्पशूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू के बीच हरिद्वार के भगवानपुर में मुठभेड़ हो गई। जिसमें मुख्य आरोपी अमरजीत पुलिस की गोली से मारा गया। शातिर अपराधी अमरजीत के खिलाफ 16 से ज्यादा मामले दर्ज थे। प्रेस वार्ता में एपी अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, नीलेश आनन्द भरणे, पुलिस महानिरीक्षक, पी/एम, करण सिंह नगन्याल, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र, आयुष अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उपस्थित रहे।

नानकमत्ता गुरुद्वारे के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की बाइक सवारों ने कर दी थी हत्या–

Uttarakhand gurdwara chief Baba Tarsem Singh’s murder: Shooter killed in encounter in Haridwar

नानकमत्ता गुरुद्वारे के कारसेवा प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की 28 मार्च को उधम सिंह नगर के नानकमत्ता गुरुद्वारे में दो बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाबा तरसेम सिंह की दो बाइक सवार हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या करने के कुछ दिनों बाद कथित हत्या के लिए पूर्व आईएएस अधिकारी हरबंश सिंह चुघ और दो अन्य लोग प्रीतम सिंह और बाबा अनूप सिंह के खिलाफ नानकमत्ता पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। कार सेवा के एक सेवादार जसबीर सिंह ने आरोप लगाया कि हरबंश सिंह चुघ और दो अन्य लोगों ने कार सेवा प्रमुख की हत्या की साजिश रची थी। उन्होंने यह भी कहा कि हत्या की साजिश में इन तीनों के अलावा और भी लोग शामिल हैं। बाबा तरसेम की हत्या के बाद पूरे उत्तराखंड में हड़कंप मच गया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे थे और उन्होंने पुलिस को संदिग्धों को तुरंत पकड़ने के निर्देश दिए थे। हत्याकांड के उसी दिन शाम को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नानकमत्ता पहुंचे, हत्यारोपितों की धरपकड़ को 11 टीम गठित की। 2 अप्रैल को पंजाब के अमृतसर के साथ ही यूपी के कई क्षेत्रों में पुलिस की टीमों ने की छापेमारी। तीन अप्रैल को एसएसपी ने दोनों शूटरों पर 50 हजार का इनाम किया घोषित चार अप्रैल को पुलिस ने शूटरों के मददगार और 10 लाख में हायर करने वाले चार लोगों को शाहजहांपुर से पकड़ा। पांच अप्रैल को पुलिस और एसटीएफ ने बाजपुर में छह लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। छह अप्रैल को नानकमत्ता में बाबा तरसेम सिंह के अंतिम अरदास के भोग में मुख्यमंत्री पहुंचे। सात अप्रैल को बाजपुर से पुलिस ने शूटरों को राइफल उपलब्ध कराने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया। सात अप्रैल को दोनों शूटरों पर पुलिस मुख्यालय ने घोषित किया एक लाख का इनाम। आठ अप्रैल की देर रात हरिद्वार में एसटीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में शूटर अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टा को ढेर किया।अमरजीत सिंह के पास से पुलिस ने 32 बोर की एक पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, तीन खोखा कारतूस घटना में प्रयुक्त की गई एक बाइक बरामद की है।

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Author: AK

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