
आज हम चर्चा करेंगे बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना और शत्रुघ्न सिन्हा के बीच किस बात को लेकर संबंध बिगड़ गए थे जो आखिरी समय तक नहीं सुधरे । शत्रुघन सिन्हा ने कई दिग्गज कलाकारों के साथ भी काम किया है, लेकिन उनकी बॉलीवुड के दो सुपरस्टार अमिताभ बच्चन और राजेश खन्ना के साथ अनबन की हमेशा चर्चा होती रही है। लेकिन आज हम बात करेंगे राजेश खन्ना और बिहारी बाबू के मनमुटाव की । आइए आपको लगभग 28 वर्ष पहले राजधानी दिल्ली लिए चलते हैं । यहां हम आपको बता दें कि साल 1991 के आम चुनाव में लालकृष्ण आडवाणी ने गुजरात के गांधीनगर और नई दिल्ली दोनों सीटों से चुनाव जीता था। उसके बाद आडवाणी ने नई दिल्ली की सीट से इस्तीफा दे दिया। जून 1992 में इस सीट पर उपचुनाव होना था। आडवाणी के कहने पर भाजपा ने इस सीट से शत्रुघ्न सिन्हा को टिकट दिया तो वहीं कांग्रेस ने सुपर स्टार राजेश खन्ना को मैदान में उतारा। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों फिल्म स्टारों ने एक दूसरे पर खूब आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए थे।राजेश खन्ना ने शत्रुघ्न सिन्हा से उनके खिलाफ चुनाव न लड़ने के लिए भी कहा था मगर इसके बाद भी शत्रुघ्न काका के अपोजिट चुनाव में खड़े हुए थे । दिल्ली उपचुनाव में आखिरकार राजेश खन्ना शत्रुघ्न सिन्हा को लगभग 25 हजार वोटों से हराने में कामयाब हुए थे । लोकसभा उपचुनाव जीतने के बाद भी राजेश खन्ना ने फिर कभी शत्रुघ्न से बात तक नहीं की। हालांकि शत्रुघ्न को आज भी इस बात का अफसोस है कि वे राजेश खन्ना से माफी नहीं मांग सके । बिहारी बाबू ने इस बात का खुलासा एक साक्षात्कार के दौरान किया है।
लालकृष्ण आडवाणी के आग्रह को टाल नहीं पाए थे शत्रुघ्न सिन्हा—

पिछले दिनों शत्रुघ्न सिन्हा ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया कि उनके और राजेश खन्ना के बीच कभी राजनीति के चलते मनमुटाव हो गया था । शत्रुघ्न ने कहा कि 1992 में मैं नई दिल्ली से लोक सभा चुनावों में उनके खिलाफ खड़ा हो गया था तो ये बात उन्हें बेहद बुरी लगी थी । बिहारी बाबू ने कहा कि मैं भी ऐसा नहीं चाहता था लेकिन मैं लाल कृष्ण आडवाणी जी को मना नहीं कर पाया। मैंने ये बात राजेश खन्ना को भी समझाने की कोशिश की लेकिन उन्हें ये पसंद नहीं आई, शत्रुघ्न ने कहा कि हमारी लंबे समय तक बातचीत नहीं हुई, हालांकि काफी सालों बाद हमने बात करना शुरू कर दिया था लेकिन फिर भी मनमुटाव बने रहे । शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि इसके लिए उन्होंने राजेश खन्ना से माफी भी मांगी थी लेकिन राजेश खन्ना ने उनसे कभी बात ही नहीं की। मुझे इस वजह से भी निराशा हुई कि आडवाणी जी मेरे लिए एक दिन भी चुनाव प्रचार करने नहीं आए। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जब राजेश खन्ना गंभीर रूप से बीमार थे जब मैं अस्पताल जाकर गले मिलने वाला था और उनसे माफी भी मांगने वाला था मगर उनका स्वर्गवास हो गया । बता दें कि 18 जुलाई 2012 को राजेश खन्ना का लिवर संबंधित बीमारी से निधन हो गया था । अलग-अलग राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ना ही इन दो दिग्गज कलाकारों के बीच आपसी मनमुटाव की वजह बनी थी। हालांकि शत्रुघ्न सिन्हा वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी से अलग होकर कांग्रेस के टिकट पर पटना साहिब से लोकसभा चुनाव लड़े थे, लेकिन वह जीत नहीं सके ।
Author: AK
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