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आमरण अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को पुलिस ने किया अरेस्ट, पुलिस की कार्रवाई को लेकर भड़के कार्यकर्ता

जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर उर्फ पीके को पटना पुलिस ने आज सुबह अरेस्ट कर लिया। पीके बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद करवा री-एग्जाम की मांग लेकर दो जनवरी से आमरण अनशन पर बैठे थे। प्रशांत किशोर के साथ पटना पुलिस ने धरने पर बैठे जन सुराज के 50 से ज्यादा कार्यकर्ताओं … Read more

Prashant Kishor Arrested During Hunger Strike; Police Action Sparks Outrage Among Supporters
Prashant Kishor Arrested During Hunger Strike; Police Action Sparks Outrage Among Supporters

जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर उर्फ पीके को पटना पुलिस ने आज सुबह अरेस्ट कर लिया। पीके बीपीएससी की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद करवा री-एग्जाम की मांग लेकर दो जनवरी से आमरण अनशन पर बैठे थे। प्रशांत किशोर के साथ पटना पुलिस ने धरने पर बैठे जन सुराज के 50 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस उन्हें हरनौत जेल लेकर गई है। पीके को अलग जगह रखा गया है। ताकि एक जगह आंदोलनकारी नहीं जुट सके। प्रशांत किशोर को पटना की अदालत में पेश किया जाएगा। उन पर प्रतिबंधित गांधी मैदान इलाके में धरना देने के मामले में केस हुआ है। जन सुराज पार्टी ने दावा किया है कि पटना पुलिस ने अनशन स्थल पर पहुंचकर प्रशांत किशोर को थप्पड़ मारा और उन्हें जबरन वहां से ले जाया गया। पार्टी की ओर से जारी वीडियो में पीके को एक पुलिसकर्मी थप्पड़ मारते हुए भी नजर आ रहा है।

पटना जिला प्रशासन का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में गैर-कानूनी ढंग से धरना देने के यह कार्रवाई की गई है। पटना के डीएम चंद्रशेखर ने इसकी पुष्टि की। पीके गांधी मैदान में अनशन पर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें सुबह करीब 3:45 बजे हिरासत में लिया। उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें एम्स में मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया।दूसरी ओर पीके की गिरफ्तारी को लेकर विरोध प्रदर्शन भी शुरू हो गया है। समर्थक सड़क पर उतर गए हैं। और हो हंगामा कर रहे हैं। दूसरी ओर बीपीएससी परीक्षा के मुद्दे पर महागठबंधन ने आज बिहार में प्रतिरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। आरजेडी समेत अन्य सहयोगी दलों की छात्र इकाइयों के नेता सभी जिलों में प्रदर्शन करेंगे। जन सुराज की ओर से आज हाई कोर्ट में बीपीएससी मामले में याचिका भी दायर की जा सकती है।बीपीएससी ने 13 दिसंबर को 70वीं प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया था।

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इसमें धांधली के आरोप लगाकर अभ्यर्थियों ने पटना के गर्दनीबाग में धरना शुरू किया। इसके बाद दो बार प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज हुआ और इस मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया। पीके से लेकर तेजस्वी यादव, पप्पू यादव समेत सभी विपक्षी नेता अभ्यर्थियों के समर्थन में उतर आए। प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी पर सियासी पारा गर्माया हुआ है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और नीतीश सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा है कि पीके की राजनीति का अंत हो रहा है। ऐसे लोग आते जाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे।आरजेडी नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि नीतीश सरकार और प्रशांत किशोर की मिलीभगत एक्सपोज हो गई है। बीपीएससी अभ्यर्थियों के भविष्य की इन्हें चिंता नहीं है। सरकार ने परीक्षा लेकर उनका भविष्य बर्बाद कर दिया। प्रशांत किशोर चार दिनों से प्रतिबंधित गांधी मैदान क्षेत्र में धरना दे रहे थे, प्रशासन ने उन्हें बैठने की इजाजत क्यों दी। सरकार और पीके दोनों ही छात्रों के भविष्य को अंधकार में डालने के जिम्मेदार हैं।

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Author: AK

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