
केदारनाथ राजमार्ग के सोनप्रयाग से लगभग एक किमी दूर गौरीकुंड की तरफ सोमवार शाम को भूस्खलन हो गया । गौरीकुंड से सोनप्रयाग की ओर आ रहे कई यात्री मलबे के नीचे दब गए। भूस्खलन के कारण हुए हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान शुरू किया। पहले दिन की रात खराब मौसम और लगातार मलबा गिरने के कारण रेस्क्यू कार्य में दिक्कतें आईं, जिसके चलते रात में अभियान रोकना पड़ा। मंगलवार सुबह मौसम में सुधार के साथ मलबा गिरना बंद होने पर रेस्क्यू टीमों ने फिर से काम शुरू किया। इस दौरान 3 शव अचेत अवस्था में मिले, जिन्हें डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद एक और महिला अचेत अवस्था में मिली, जिनकी भी मौत हो गई। इस प्रकार, कुल मृतकों की संख्या 5 हो गई है। मरने वालों के नाम इस प्रकार हैं । गोपाल पुत्र भक्तराम निवासी जीजोड़ा पोस्ट राजोद जिला धार मध्य प्रदेश (उम्र 50 वर्ष), दुर्गाबाई खापर पत्नी संघन लाल निवासी नेपावाली, जिला घाट, मध्य प्रदेश (उम्र 50 वर्ष), तितली देवी पत्नी राजेंद्र मंडल निवासी ग्राम वैदेही जिला धनवा नेपाल (उम्र 70 वर्ष),भारत भाई निरालाल पुत्र निरालाल पटेल निवासी ए 301 सरदार पैलेस करवाल नगर खटोदरा सूरत गुजरात (उम्र 52 वर्ष) समनबाई पत्नी शालक राम निवासी झिझोरा जिला धार मध्य प्रदेश (उम्र 50 वर्ष) है। अस्थायी रूप से बाधित मार्ग अब पैदल आवागमन के लिए सुचारु हो गया है। देर रात से गौरीकुण्ड की ओर रुके यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सोनप्रयाग की ओर भेजा जा रहा है।
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Author: AK
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