
उत्तराखंड की एकमात्र केदारनाथ विधानसभा सीट पर 20 नवंबर को हुए उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने जीत के दावे किए हैं। केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव में 58.90 फीसदी तक मतदान हुआ. यह जानकारी अधिकारियों ने शेयर की है। महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा के साथ उत्तराखंड केदारनाथ पर हुए उपचुनाव के नतीजे भी 23 नवंबर को आएंगे। वहीं अयोध्या और बद्रीनाथ में हुए चुनाव के बाद सबकी नजर केदारनाथ विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव पर टिकी हुई है, भारतीय जनता पार्टी के लिए केदारनाथ उपचुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है, तो कांग्रेस इस चुनाव को जीतकर अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन फिर से वापस करना चाहती है। केदारनाथ उपचुनाव में रिकॉर्ड मतदान से भाजपा उत्साहित है जबकि कांग्रेस इसे राज्य सरकार के विरोध में जनता का जनादेश बता रही है। पिछले दो विधानसभा चुनावों से ज्यादा मतदान इस बार हुआ है। भाजपा ने जीत का दावा किया है वहीं कांग्रेस भी जीत को लेकर आश्वस्त है। केदारनाथ सीट पर अब तक हुए विधानसभा चुनाव में तीन बार भाजपा विजयी रही जबकि दो बार कांग्रेस ने बाजी मारी। इस सीट पर इस बार के उप चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस में शुरू से ही सीधी टक्कर बताई जा रही थी। कांग्रेस प्रत्याशी मनाज रावत व बीजेपी की पूर्व विधायक आशा नौटियाल चुनावी मैदान में आमने-सामने है। निर्दलीय प्रत्याशी त्रिभुवन सिंह चौहान भी केदारघाटी से अच्छे मत लाने की संभावना जताई जा रही है। जिसका असर भाजपा व कांग्रेस दोनो दलों पर पड़ेगा।बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि पार्टी ने बड़ी प्लानिक के साथ चुनाव लड़ा है। जहां पार्टी ने बूथ प्रबंधन को महत्व दिया है वही वोट परसेंटेज बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए गए थे। इसके बाद केदारनाथ की जनता ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। महेंद्र भट्ट ने कहा कि वोट परसेंटेज बढ़ाने के लिए प्रवासी उत्तराखंडियो से भी मतदान करने की अपील की गई थी। जिसके बाद दिल्ली,हरियाणा, पंजाब,चंडीगढ़,लुधियाना समेत अलग-अलग जगह रह रहे प्रवासी लोग केदारनाथ में वोट डालने पहुंचे थे। उपचुनाव में तकरीबन 1700 से लेकर 2000 प्रवासी उत्तराखंड वोट डालने पहुंचे है। इसके अलावा बड़ी संख्या में मातृशक्ति में भी घरों से निकलकर मतदान किया है। जो भाजपा की जीत की ओर पूरा इशारा कर रहा है। महेंद्र भट्ट ने दावा किया कि केदारनाथ उपचुनाव में भाजपा अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज करेगी। उधर कांग्रेस भी केदारनाथ उपचुनाव में जीत का दावा कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि केदारनाथ की जनता ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। कांग्रेस संगठन उपाध्यक्ष मथुरा जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने केदारनाथ चुनाव जीतने के लिए कड़ी मेहनत की है। पार्टी के सभी नेता चुनाव प्रचार में डटे रहे। उन्होंने कहा कि केदारनाथ के लोग भाजपा सरकार की नीतियों से त्रस्त थे, जिसके खिलाफ मतदान हुआ है। इसके अलावा यात्रा डाइवर्ट का मामला, केदारनाथ मंदिर का दिल्ली बनाया जाना, आपदा,विकास जैसे तमाम मुद्दों को लेकर जनता ने मतदान किया है। जिससे कांग्रेस की जीत पक्की की है।
Author: AK
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