
देश के उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों में कांवड़ यात्रा के दौरान आने वाले दुकानों के नेमप्लेट लगाने वाले मामले को सुप्रीम की अंतरिम रोक लग चुकी है। वहीं होटलों के बाहर वहां काम करनेवालों के नेम प्लेट लगाने के विवाद के बाद अब उत्तराखंड सरकार का हरिद्वार में एक और फैसला चर्चा में है। दरअसल में उत्तराखंड राज्य सरकार ने कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली मस्जिदों और मज़ारों को ढकने दिया है।
उत्तराखंड के धर्मस्व और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि कोई विवाद न हो। आगे सतपाल महाराज ने कहा कि आपको पता है कि जब कोई चीज़ होती है तो उसमें कुछ ओट लगा देते हैं। इस प्रकार से किया गया है तो उद्देश्य यही है कि कोई उत्तेजना न हो, कोई भड़के नहीं और हमारी कांवड़ यात्रा सुचारू रूप से चले।”
ऐसा पहली बार किए जाने के सवाल पर सतपाल महाराज ने कहा, “आपको पता है कि जब कहीं कंस्ट्रक्शन होता है तो उसे भी ढक दिया जाता है। पहली बार किया गया है तो अब हम देखेंगे कि क्या इसका फ़ीडबैक मिलता है हम लोगों को, उसका अध्ययन करेंगे।”
हर वर्ष सावन के महीने में होने वाली कांवड़ यात्रा को सकुशल पूरा करवाना उत्तराखंड के पुलिस, प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होता है।
वहीं राज्य सरकार के फैसले पर स्थानीय निवासियों का कहना है कि राज्य में ऐसा पहली बार हुआ है। राज्य सरकार के इस फैसले से लोगों के मानसिक हीं नहीं बल्कि इससे उनके रोज़गार पर फ़र्क पड़ रहा है। वहीं इस फैसले से बल्कि कांवड़ियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बता दें कि कांवड़ यात्रा के दौरान आर्यनगर के पास इस्लामनगर की मस्जिद और ऊंचे पुल पर बनी मज़ार और मस्जिद को पर्दे से ढक दिया गया है। यहां से गुज़रने वाले कांवड़ियों को अब ये धर्मस्थल नज़र नहीं आ रहे हैं।
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Author: AK
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