जहानाबाद। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देश का बाल अधिकारों के लिए काम करने वाले सामाजिक संगठन तटवासी समाज न्यास ने स्वागत किया है। संगठन ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय कानूनों का पालन अनिवार्य होना जरूरी है।
तटवासी समाज न्यास के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस बात पर विचार करने को कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए ऐसे वैधानिक प्रावधान बनाए जाएं, जिनके तहत नाबालिगों से जुड़े भारतीय कानूनों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने की। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल थे।
यह मामला जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। संगठन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय लागू करने की मांग की थी। याचिका में यह मुद्दा भी उठाया गया कि नाबालिगों की ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच और उनसे जुड़े अनुबंधों के लिए कानून के अनुरूप सुरक्षा व्यवस्था होनी चाहिए।
संगठन का कहना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बच्चों के सामने यौन शोषण, ऑनलाइन ठगी, ट्रैफिकिंग, सेक्सटॉर्शन, निजी डेटा के दुरुपयोग और साइबर बुलिंग जैसे खतरे मौजूद हैं। ऐसे में सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही तय करना बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
तटवासी समाज न्यास के निदेशक कन्हैया कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों के अनुरूप काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नाबालिगों को ऑनलाइन बहला-फुसलाकर शोषण और अन्य अपराधों का शिकार बनाया जा सकता है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की पहल से बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में मदद मिल सकती है।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने कहा कि 18 वर्ष की न्यूनतम आयु सीमा के प्रावधान को केवल दिशानिर्देश तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे इंटरमीडियरी नियमों के ढांचे में शामिल करने पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सॉफ्टवेयर और संचालन को भारतीय कानूनों के अनुरूप बनाने के संबंध में आवश्यक कदम उठाने को कहा। केंद्र की ओर से इस मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही गई।
तटवासी समाज न्यास ने कहा कि वह जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस का सहयोगी संगठन है और जहानाबाद सहित देशभर में बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर जागरूकता अभियान चला रहा है।
Jehanabad News: Tatvasi Samaj Nyas welcomes Supreme Court’s directive regarding social media accounts of minors.



















