जहानाबाद। पटना और दिल्ली में छात्र आंदोलन की कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई मारपीट, अभद्र व्यवहार और कैमरे व अन्य उपकरण तोड़े जाने की घटनाओं के विरोध में नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (एनयूजे) जहानाबाद इकाई ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। संगठन ने इन घटनाओं को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। जहानाबाद में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एनयूजे के जिला अध्यक्ष डॉ. रंजीत कुमार भारतीय ने कहा कि छात्र आंदोलन की कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ जिस प्रकार की हिंसा और दुर्व्यवहार किया गया, वह अत्यंत निंदनीय और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि पत्रकार निष्पक्ष रूप से जनता तक सही जानकारी पहुंचाने का कार्य करते हैं। ऐसे में उनके साथ मारपीट करना, रिपोर्टिंग से रोकना तथा महंगे कैमरे और अन्य उपकरणों को नुकसान पहुंचाना बर्बरता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि पटना और देश की राजधानी दिल्ली में कई पत्रकारों को प्रदर्शन की कवरेज के दौरान निशाना बनाया गया। शांतिपूर्ण ढंग से अपना दायित्व निभा रहे मीडिया कर्मियों के साथ मारपीट की गई, उन्हें शारीरिक चोटें पहुंचाई गईं और उनके कैमरे व मोबाइल फोन क्षतिग्रस्त कर दिए गए। यह घटना प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर हमला है।

एनयूजे जहानाबाद इकाई ने राज्य एवं केंद्र सरकार से मांग की कि घटना में शामिल उपद्रवियों एवं दोषी पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन पत्रकारों के कैमरे, मोबाइल और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। संगठन ने फील्ड में कार्यरत पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की भी मांग की। डॉ. रंजीत कुमार भारतीय ने कहा कि यदि पत्रकारों को न्याय नहीं मिला और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो एनयूजे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा। प्रेस वार्ता में उपस्थित पत्रकारों ने भी एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता का सुरक्षित रहना आवश्यक है तथा पत्रकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Jehanabad News: NUJ strongly condemns attacks on journalists in Patna and Delhi; demands action against the perpetrators and the implementation of a journalist protection law.



















