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Jehanabad News: कौमी एकता की मिसाल मो. अरशद इमाम 27 वर्षों से छठ पर्व में निभा रहे सेवा भाव

Jehanabad News: कौमी एकता की मिसाल मो. अरशद इमाम 27 वर्षों से छठ पर्व में निभा रहे सेवा भाव
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जहानाबाद धार्मिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है जहानाबाद जिले के काको प्रखंड में स्थित दक्षिणी सूर्य मंदिर में। यह मंदिर पूरे जिले में आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु छठ पर्व के दौरान पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। लेकिन इस घाट की एक खास बात इसे बाकी जगहों से अलग बनाती है — यहां एक मुस्लिम समुदाय के शख्स पिछले 27 सालों से छठ पूजा के दौरान सेवा कर रहे हैं।

ये शख्स हैं मो. अरशद इमाम अंसारी, जो हर साल छठ पूजा के दौरान घाट की सफाई, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की मदद में जुटे रहते हैं। उनका यह समर्पण कौमी एकता और भाईचारे की जीवंत मिसाल बन गया है। अरशद इमाम का परिवार भी इस सेवा कार्य में उनके साथ सक्रिय रूप से शामिल रहता है।

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भगवान से की थी प्रार्थना, तब जुड़ी आस्था

मो. अरशद इमाम अंसारी काको प्रखंड के डेढ़सैया पंचायत के नारायणपुर गांव के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि जब वे दसवीं की पढ़ाई कर रहे थे, तब एक दिन स्कूल से लौटते समय मित्र के साथ सूर्य मंदिर के रास्ते से गुजरे और भगवान से प्रार्थना की कि यदि परीक्षा में पास होंगे तो मंदिर की सेवा करेंगे।
उसी दिन से उन्होंने इस मंदिर के प्रति अपनी आस्था जोड़ ली, और तब से हर साल वे छठ पर्व में सेवा कर रहे हैं।

हिंदू-मुस्लिम एकता का जिंदा उदाहरण

अरशद इमाम कहते हैं, “छठ पर्व के समय हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय मिलकर घाट की सफाई और पूजा की तैयारियों में हिस्सा लेते हैं। कभी किसी ने विरोध नहीं किया, बल्कि सभी लोग इस काम को धर्म से ऊपर उठकर सेवा के रूप में देखते हैं।”

वे आगे बताते हैं, “हम रामायण भी पढ़ लेते हैं, और अन्य धर्मग्रंथों के विचारों को भी समझते हैं। हमारे गांव में करीब 30 मुस्लिम परिवार रहते हैं, लेकिन कभी किसी ने इसका विरोध नहीं किया।”

सरपंच और ग्रामीणों ने की सराहना

डेढ़सैया पंचायत के सरपंच राघवेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि मो. अरशद इमाम अंसारी पिछले कई वर्षों से छठ पूजा की तैयारियों में बढ़-चढ़कर सहयोग करते हैं। वे धार्मिक भेदभाव से दूर रहकर सभी समुदायों के बीच भाईचारे का संदेश देते हैं।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी कहा कि मो. अरशद का यह कार्य समाज में एकता और सौहार्द का प्रतीक है। वे 27 वर्षों से हिन्दू पर्व में पूरी निष्ठा से सेवा दे रहे हैं, जिससे जहानाबाद आज भी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बना हुआ है।

AK
Author: AK

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