दशहरा की छुट्टी पर घर लौट रहे थे सेना के जवान, दिल्ली के होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी मौत
जहानाबाद। भारतीय सेना में सेवारत जवान अभिषेक रंजन (35 वर्ष) का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव धनगावां पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। जवान की मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने नम आंखों से अपने गांव के लाल को अंतिम विदाई दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिषेक रंजन राजस्थान के अजमेर में तैनात थे। वह दशहरा की छुट्टी लेकर अपने घर जहानाबाद लौट रहे थे। यात्रा के दौरान दिल्ली में रुकने के कारण वह एक होटल में ठहरे थे। अगले दिन होटल के कमरे में उनका शव मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और पहचान पत्र के आधार पर मृतक की पहचान अभिषेक रंजन के रूप में की। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव में शोक, सैन्य सम्मान के साथ दी गई विदाई
जवान का पार्थिव शरीर पैतृक गांव धनगावां पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। गांव का माहौल गमगीन हो गया। परिजनों के विलाप से हर किसी की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की। देश की सेवा में तैनात जवान की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। जवान को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी मौत से परिवार के साथ-साथ गांव के लोग भी गहरे सदमे में हैं।
Jehanabad News: Martyred soldier Abhishek Ranjan bid a final farewell amidst teary eyes; mourning descends upon Dhangawan.



















