मगही भाषा और विरासत के संरक्षण पर जोर, दशरथ मांझी के जीवन पर नाटक का मंचन; तीन विभूतियों को मिला मगही सम्मान.
जहानाबाद। गांधी मैदान में कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय मगही महोत्सव 2026 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् और राष्ट्रगान जन गण मन के सामूहिक गायन से महोत्सव की शुरुआत हुई। इस दौरान लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मगही विरासत की झलक ने दर्शकों का मन मोह लिया।
महोत्सव में मगही भाषा और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली तीन विभूतियों को मगही सम्मान से सम्मानित किया गया। लोकनृत्य के क्षेत्र में कैलाश पंडित नर्तक, मगही भाषा के उत्थान में योगदान के लिए स्वर्गीय राम विनय शर्मा और फिल्म सिटी के क्षेत्र में हैदर काज़मी को सम्मान प्रदान किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने मगही भाषा में संबोधन करते हुए भाषा, लोककला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं से जुड़े रहने की अपील की। साथ ही जहानाबाद की ऐतिहासिक बराबर गुफाओं को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के प्रयासों और पर्यटन विकास की आवश्यकता पर बल दिया।कार्यक्रम में श्रीकांत कुमार ने मगही महोत्सव पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। प्रिंस डांस अकादमी के कलाकारों ने छठ महापर्व पर आधारित लोकनृत्य प्रस्तुत किया, जबकि एनबी किड्स विद्यालय के बच्चों ने मगही परिवेश पर आधारित फैशन शो के माध्यम से स्थानीय संस्कृति की झलक दिखाई। मगही भाषा, साहित्य और विरासत पर आयोजित परिचर्चा में दीपक कुमार, सुधाकर राजेंद्र, विश्वजीत कुमार अलबेला, गौतम परासर, डॉ. रविशंकर शर्मा, अरविंद अज़ांश और चितरंजन चैनपुरा ने भाग लिया। महोत्सव में मगही भाषा, साहित्य और लोकसंस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनियां भी लगाई गईं। वहीं, प्रयास नाट्य संस्था की ओर से पर्वत पुरुष दशरथ मांझी के जीवन और संघर्ष पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। प्रस्तुति के माध्यम से उनके अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कार्यक्रम में जिला नागरिक परिषद के उपाध्यक्ष धीरज कुमार, उप विकास आयुक्त आदित्य कुमार पियूष, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी निपुन कुमारी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कलाकार और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। महोत्सव का उद्देश्य मगही भाषा, कला, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है।
Jehanabad News: Magahi Mahotsav kicks off; folk dances and cultural performances captivate the audience.



















