मगध क्षेत्र से करीब 15 हजार श्रद्धालु पहुंचे वृंदावन, निःशुल्क आवासन और प्रसाद की रही व्यवस्था
जहानाबाद। वृंदावन धाम में 20 से 26 अक्टूबर तक आयोजित सात दिवसीय श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा का सोमवार को भक्तिमय वातावरण में समापन हो गया। स्वामी श्री श्री 1008 राम प्रपन्नाचार्य जी महाराज और स्वामी श्री श्री 1008 हरेरामाचार्य जी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बिहार के विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। आयोजन समिति के अनुसार, मगध क्षेत्र के औरंगाबाद, जहानाबाद और गया सहित आसपास के इलाकों से करीब 15 हजार श्रद्धालु वृंदावन पहुंचे।
सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन में यज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा, भजन और कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति की महिमा तथा सत्य, प्रेम, करुणा और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए और पूरे आयोजन स्थल पर भक्तिमय माहौल बना रहा।
यह आयोजन जहानाबाद के कतरासिन आश्रम के स्वामी राम प्रपन्नाचार्य जी महाराज और हुलासगंज आश्रम के स्वामी हरेरामाचार्य जी महाराज के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। आयोजन समिति श्री सूर्य मंदिर समिति, कालीघाट, दाउदनगर, औरंगाबाद के सदस्य डॉ. अंकिता मगध ने बताया कि समिति की ओर से लगातार आठवें वर्ष इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया है।
प्रतिदिन 18 से 20 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था
समिति के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो हजार से अधिक कमरे आरक्षित किए गए थे। वहीं, प्रतिदिन लगभग 18 हजार से 20 हजार श्रद्धालुओं के लिए भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं को निःशुल्क आवासन और प्रसाद उपलब्ध कराया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
डॉ. अंकिता मगध ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य पूजा-अर्चना के साथ समाज में आध्यात्मिक जागरूकता, आपसी सद्भाव और सनातन संस्कृति के मूल्यों को बढ़ावा देना भी है। श्रीमद्भागवत कथा लोगों को अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ सामाजिक एकता का संदेश देती है।
अगले वर्ष द्वारका में होगा आयोजन
आयोजन समिति ने घोषणा की कि अगले वर्ष गुजरात स्थित भगवान श्रीकृष्ण की पावन नगरी द्वारका में श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ सह श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। समिति के अनुसार, वहां भी श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क आवासन और प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु सहजता से धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हो सकें। समापन के अवसर पर श्रद्धालुओं ने लगातार आठवें वर्ष धार्मिक आयोजन कराने के लिए समिति के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि वृंदावन में आयोजित यह अनुष्ठान श्रद्धा, सेवा, समर्पण और भक्ति की अविस्मरणीय छाप छोड़ गया। अब श्रद्धालुओं को अगले वर्ष द्वारका में होने वाले आयोजन का इंतजार है।
Jehanabad News: Grand conclusion of the Shri Lakshmi Narayan Yajna and Shrimad Bhagavat Katha in Vrindavan; next year’s event to be held in Dwarka.



















