DW Samachar – Header
BREAKING

Jehanabad News: परिवार नियोजन पखवाड़ा: जनसंख्या स्थिरीकरण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक कदम

Jehanabad News: परिवार नियोजन पखवाड़ा: जनसंख्या स्थिरीकरण और स्वस्थ समाज की दिशा में एक कदम
filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; captureOrientation: 0;
algolist: 0;
multi-frame: 1;
brp_mask:0;
brp_del_th:null;
brp_del_sen:null;
motionR: null;
delta:null;
module: video;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: null;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 145.78049;aec_lux_index: 0;albedo:  ;confidence:  ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 45;

जहानाबाद  परिवार नियोजन पखवाड़ा सह मेला का आयोजन आज सदर अस्पताल, जहानाबाद में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र प्रसाद एवं डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, कार्यकारी अधीक्षक, अमर शहीद जगदेव प्रसाद सदर अस्पताल, जहानाबाद द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक मो. खालिद हुसैन, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक धीरज कुमार, अस्पताल प्रबंधक रितिका, पीरामल स्वास्थ्य से रवि रंजन एवं धनंजय, एपिडेमियोलॉजिस्ट आलोक कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

परिवार नियोजन: स्वस्थ समाज की ओर बढ़ता कदम

मिशन परिवार विकास अभियान के तहत 10 से 29 मार्च 2025 तक परिवार नियोजन पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गर्भनिरोधक साधनों की पहुंच बढ़ाना, समुदाय को जागरूक करना और योग्य दंपतियों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार परिवार नियोजन अपनाने के लिए सक्षम बनाना है।

Digital Women Trust

सिविल सर्जन डॉ. देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि पुरुष नसबंदी एक सरल और सुरक्षित प्रक्रिया है, जिसे अपनाकर परिवार नियोजन में पुरुषों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है।

परिवार नियोजन के लाभ

परिवार नियोजन महिलाओं को यह अधिकार देता है कि वे कब और कितने बच्चे चाहती हैं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आती है। यह गरीबी उन्मूलन, शिक्षा के अवसरों में वृद्धि और सतत जनसंख्या वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गर्भनिरोधक उपायों के उपयोग से मातृ मृत्यु दर में 20-30% की कमी लाई जा सकती है, वहीं प्रसव के बीच उचित अंतराल रखने से शिशु स्वास्थ्य में भी सुधार होता है।

बिहार में परिवार नियोजन की स्थिति

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) के अनुसार, बिहार में विवाहित महिलाओं (15-49 वर्ष) के बीच आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों का उपयोग

  • NFHS-4 (23.3%) से बढ़कर NFHS-5 (44.4%) हो गया है।
    हालांकि, परिवार नियोजन अभी भी महिला नसबंदी पर अधिक केंद्रित है, जिससे पुरुष नसबंदी और अन्य आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों के विकल्प सीमित रह जाते हैं।

विशेष रूप से युवा, नवविवाहित और कम बच्चों वाली महिलाओं के लिए सेवाओं तक पहुंच में बाधाएं बनी हुई हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • दुष्प्रभावों का डर
  • सांस्कृतिक एवं धार्मिक भ्रांतियाँ
  • लिंग आधारित सामाजिक बाधाएँ

परिवार नियोजन सेवाओं का लक्ष्य और उपलब्धि

परिवार नियोजन पखवाड़ा के दौरान 17 से 29 मार्च 2025 तक पंजीकृत योग्य दंपतियों को सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य बिहार में सुनियोजित परिवार, स्वस्थ मातृत्व और मजबूत समाज को बढ़ावा देना है।

जिला अस्पताल में प्राप्त लक्ष्य (ELA):

  • महिला नसबंदी – 50
  • पुरुष नसबंदी – 10

मार्च 2025 तक की उपलब्धि:

  • महिला नसबंदी – 33
  • पुरुष नसबंदी – 02

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनसंख्या स्थिरीकरण और परिवार नियोजन सेवाओं की सुलभता को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान के माध्यम से समुदाय को जागरूक कर जनसंख्या नियंत्रण और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया जा रहा है।

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Advertisement

⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़