उत्तराखंड के चमोली में स्थित सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकालीन के लिए बंद करने की तैयारी शुरू हो गई हैं। बुधवार 11 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। कपाटबंदी के मौके पर राज्यपाल गुरमीत सिंह का भी हेमकुंड साहिब पहुंचने का कार्यक्रम है। श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने गोविंदघाट में यह जानकारी दी। बिंद्रा ने बताया कि कपाटबंदी का साक्षी बनने के लिए पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली से तीर्थयात्री बड़ी संख्या में गोविंदघाट और घांघरिया पहुंचने लगे हैं। इस वर्ष अब तक 1.75 लाख तीर्थयात्री दरबार साहिब में मत्था टेक चुके हैं।चमोली जिले के दुर्गम क्षेत्र में सिखों का पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब है जो 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां के कपाट शबद कीर्तन और पहली अरदास के साथ प्रतिवर्ष खोले जाते हैं। इसके साथ ही साथ यात्रा दुर्गम होने की वजह से यात्रा में आध्यात्मिक अनुभूति के साथ साथ रोमांच का एहसास भी होता है। यहां पर गुरु गोविंद सिंह ने दशम ग्रंथ लिखा था। और प्रतिवर्ष यहां सिख समुदाय के लोगों के साथ साथ विभिन्न संप्रदाय के लोग भी दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हेमकुंड साहिब चारों ओर से बर्फ से घिरा क्षेत्र है, जो हिमालय की गोद में बसा है। साथ ही हिमालय के सप्तशृंग यानी सप्तऋषि पर्वत चोटियों पर खालसा पंथ का प्रतीक चिह्न ‘निशान साहिब’ के ध्वज लहराते रहते हैं। इन सातों पर्वत को हेमकुंड यानी ‘बर्फ का कटोरा’ भी कहा जाता है। इन्हीं पर्वतों से यहां एक झील का निर्माण हुआ है, जिसके किनारे पर श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा स्थित है। इस झील को ‘अमृत सरोवर’ कहा जाता है। जहां साल में लगभग 7 से 8 महीने बर्फ की परत जमी रहती है।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












