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Exam Reform Bill: आज संसद में पेश होगा परीक्षा सुधार बिल, अपराधों के खिलाफ होंगे सख्त प्रावधान

आज संसद में परीक्षा सुधार विधेयक पेश होगा। पेपर लीक, नकल और संगठित परीक्षा अपराधों पर कड़ी सजा, भारी जुर्माना और तेज जांच के प्रावधान प्रस्तावित हैं। Exam Reform Bill to Be Tabled in Parliament Today आज संसद में केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा कदम उठाने … Read more

PM Modi Announces Fast-Track Courts for Paper Leak Cases

आज संसद में परीक्षा सुधार विधेयक पेश होगा। पेपर लीक, नकल और संगठित परीक्षा अपराधों पर कड़ी सजा, भारी जुर्माना और तेज जांच के प्रावधान प्रस्तावित हैं।

Exam Reform Bill to Be Tabled in Parliament Today

आज संसद में केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं की आवाज सुनते हुए छात्रों के हित में ऐतिहासिक फैसले लिए हैं।
उन्होंने सभी सांसदों से अपील की है कि वे सोमवार को संसद में पेश होने वाले ‘पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल’ पर चर्चा में हिस्सा लें। बता दें कि केंद्र सरकार जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और पेपर लीक के दबाव के चलते यह बिल ला रही है।

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पीएम मोदी ने जारी किया वीडियो संदेश

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जारी अपने वीडियो संदेश में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसी भी कीमत पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शने वाली नहीं है और ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।

इस नए संशोधन विधेयक में क्या-क्या होंगे प्रावधान ?

  • लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के अनुसार प्रश्नपत्र लीक मामलों की जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होगी।
  • विधेयक को पेश किए जाने से पहले सदस्यों को वितरित की गई इसकी प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
  • संगठित अपराधों के लिए विधेयक में कम से कम सात वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है।
  • मौजूदा कानून में व्यक्तिगत रूप से शामिल लोगों के लिए तीन से पांच साल तक की कैद का प्रावधान है, जबकि संगठित रूप से धोखाधड़ी और प्रश्नपत्र लीक जैसे अपराधों में शामिल लोगों के लिए पांच से 10 साल तक की कैद और कम से कम एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

पीएम मोदी ने युवाओं को दिलाया भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स प्लेटफॉर्म पर जारी एक वीडियो में कहा कि देश के लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले कई आरोपी जेल में हैं और ऐसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था भी की गई है।

पीएम मोदी ने कहा कि सरकार ने संसद में इस संबंध में कानून बनाने का भी निर्णय लिया है, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि परीक्षा सुधारों को लागू करने और आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए विश्व प्रसिद्ध प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स गठित की जाएगी।

प्रधानमंत्री के अनुसार, यह टास्क फोर्स परीक्षा सुधारों पर व्यापक सुझाव देगी और आने वाली परीक्षाओं के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी। समिति की रिपोर्ट के आधार पर सरकार आवश्यक सुधारों को लागू करेगी, जिससे परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और भरोसेमंद बन सके। अपने संदेश के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य देश के प्रत्येक छात्र के भविष्य की रक्षा करना है और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह निष्पक्ष एवं आधुनिक बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

AK
Author: AK

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