दिल्ली में 2023-25 के दौरान 50% पासपोर्ट रद्द होने के पीछे की असली वजह, गोवा में सबसे ज्यादा पासपोर्ट सरेंडर, भारत में पासपोर्ट धारकों के आंकड़े और नई रिपोर्ट की पूरी जानकारी।
Delhi Passport Cancellation 2026: Reasons & Top Surrender State

दिल्ली में 50% पासपोर्ट रद्द! जानें क्यों और किस राज्य में सबसे ज्यादा सरेंडर हुए पासपोर्ट
पासपोर्ट किसी भी भारतीय नागरिक के लिए केवल विदेश यात्रा का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह उसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान का सबसे महत्वपूर्ण प्रमाण भी माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में विदेश यात्रा, शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय के अवसर बढ़ने के कारण भारत में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है। इसी बीच विदेश मंत्रालय की ओर से संसद में साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अंतर्गत वर्ष 2023 से 2025 के बीच लगभग 21 लाख नए पासपोर्ट जारी किए गए, जबकि इसी अवधि में 10.8 लाख पासपोर्ट रद्द (Cancelled) किए गए। यह संख्या जारी किए गए कुल पासपोर्टों का लगभग 50 प्रतिशत है। पहली नजर में यह आंकड़ा चौंकाने वाला लगता है, लेकिन इसके पीछे कई प्रशासनिक और कानूनी कारण हैं। वहीं दूसरी ओर, भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करने के मामले में गोवा देश में पहले स्थान पर है।
आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर दिल्ली में इतने पासपोर्ट क्यों रद्द हो रहे हैं, किस राज्य में सबसे अधिक पासपोर्ट सरेंडर किए जा रहे हैं और भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक स्थिति क्या है।
दिल्ली में पासपोर्ट जारी और रद्द होने के आंकड़े
विदेश राज्य मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 से 2025 के दौरान दिल्ली क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अंतर्गत बड़ी संख्या में पासपोर्ट जारी किए गए।
वर्षवार आंकड़े
- 2023: लगभग 7.2 लाख नए पासपोर्ट जारी, 3.6 लाख पासपोर्ट रद्द।
- 2024: लगभग 6.9 लाख पासपोर्ट जारी, 3.6 लाख रद्द।
- 2025: लगभग 7 लाख नए पासपोर्ट जारी, 3.7 लाख रद्द।
इन तीन वर्षों को मिलाकर कुल 21 लाख नए पासपोर्ट जारी हुए और 10.8 लाख पासपोर्ट रद्द किए गए। इस वजह से यह धारणा बनी कि दिल्ली में हर दो नए पासपोर्ट पर एक पासपोर्ट रद्द हो रहा है।
क्या पासपोर्ट रद्द होना हमेशा गलत काम का संकेत है?
अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि पासपोर्ट रद्द होने का मतलब किसी व्यक्ति द्वारा कानून तोड़ना या धोखाधड़ी करना है। लेकिन वास्तविकता इससे काफी अलग है।
पासपोर्ट रद्द होने के अधिकांश मामलों का संबंध सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया से होता है।
पासपोर्ट रद्द होने के प्रमुख कारण
1. पासपोर्ट का री-इश्यू (Reissue)
सबसे बड़ा कारण नया पासपोर्ट जारी होना है। जब कोई व्यक्ति अपना पासपोर्ट रिन्यू कराता है, तब पुराना पासपोर्ट आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया जाता है।
2. पासपोर्ट का नवीनीकरण
पासपोर्ट की वैधता समाप्त होने पर नया पासपोर्ट जारी किया जाता है। इस प्रक्रिया में पुराना दस्तावेज रद्द माना जाता है।
3. व्यक्तिगत जानकारी में बदलाव
यदि पासपोर्ट धारक अपना नाम, पता, वैवाहिक स्थिति या अन्य व्यक्तिगत विवरण बदलवाता है, तो नया पासपोर्ट जारी होता है और पुराना रद्द कर दिया जाता है।
4. पासपोर्ट के पन्ने भर जाना
जो लोग नियमित रूप से विदेश यात्रा करते हैं, उनके पासपोर्ट के पन्ने जल्दी भर जाते हैं। ऐसे मामलों में नया पासपोर्ट जारी किया जाता है।
5. पासपोर्ट का खो जाना या क्षतिग्रस्त होना
यदि पासपोर्ट खो जाए, चोरी हो जाए या क्षतिग्रस्त हो जाए, तो नया पासपोर्ट जारी होने के बाद पुराना दस्तावेज निष्प्रभावी कर दिया जाता है।
किन परिस्थितियों में सरकार पासपोर्ट रद्द कर सकती है?
हालांकि अधिकांश रद्दीकरण सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में सरकार कानूनी कार्रवाई के तहत भी पासपोर्ट रद्द कर सकती है।
इनमें प्रमुख कारण शामिल हैं—
- फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट प्राप्त करना।
- राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले।
- गंभीर आपराधिक मामलों में न्यायालय के निर्देश।
- पहचान संबंधी धोखाधड़ी।
- पासपोर्ट अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन।
ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
दिल्ली का पासपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर कितना मजबूत है?
देश की राजधानी होने के कारण दिल्ली में पासपोर्ट सेवाओं का नेटवर्क काफी व्यापक है।
उपलब्ध सुविधाएं
- 3 मुख्य पासपोर्ट सेवा केंद्र।
- 5 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र।
- दिल्ली क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अंतर्गत हरियाणा में भी 1 पासपोर्ट सेवा केंद्र।
- हरियाणा में 4 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र।
सरकार ने नागरिकों की सुविधा बढ़ाने के लिए कई डिजिटल सेवाएं भी शुरू की हैं।
‘कहीं से भी आवेदन करें’ सुविधा का लाभ
वर्ष 2018 में विदेश मंत्रालय ने “Apply from Anywhere” सुविधा शुरू की थी। इसके तहत नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी पासपोर्ट सेवा केंद्र में आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा Passport Seva Mobile App ने आवेदन प्रक्रिया को पहले की तुलना में काफी आसान बना दिया है।
आज अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे दस्तावेज जमा करने और अपॉइंटमेंट लेने की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनी है।
पासपोर्ट सरेंडर में कौन सा राज्य सबसे आगे?
भारतीय नागरिक जब किसी अन्य देश की नागरिकता स्वीकार करते हैं, तो उन्हें भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करना पड़ता है।
विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस मामले में गोवा देश में पहले स्थान पर है।
शीर्ष राज्य
- गोवा – लगभग 40.45%
- पंजाब – लगभग 13.79%
- गुजरात – तीसरा स्थान
गोवा में सबसे ज्यादा पासपोर्ट सरेंडर क्यों?
गोवा में बड़ी संख्या में लोगों के पास पुर्तगाली नागरिकता प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध होता है। ऐतिहासिक कारणों से कई परिवार इस सुविधा का लाभ उठाते हैं।
विदेशी नागरिकता मिलने के बाद भारतीय कानून के अनुसार भारतीय पासपोर्ट वापस करना अनिवार्य होता है। यही कारण है कि गोवा इस सूची में सबसे ऊपर है।
पंजाब और गुजरात में भी संख्या अधिक क्यों?
पंजाब और गुजरात लंबे समय से विदेश प्रवास के लिए प्रसिद्ध राज्य रहे हैं।
इन राज्यों के बड़ी संख्या में नागरिक—
- कनाडा
- अमेरिका
- यूनाइटेड किंगडम
- ऑस्ट्रेलिया
- न्यूजीलैंड
जैसे देशों में स्थायी रूप से बस चुके हैं। विदेशी नागरिकता प्राप्त करने के बाद भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करना आवश्यक हो जाता है।
भारत में कितने लोगों के पास पासपोर्ट है?
भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में शामिल है, लेकिन इसके बावजूद पासपोर्ट धारकों की संख्या अपेक्षाकृत कम है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार वर्तमान समय में भारत की कुल आबादी के 8 प्रतिशत से भी कम लोगों के पास पासपोर्ट है।
इसका मतलब है कि देश की बड़ी आबादी अभी भी अंतरराष्ट्रीय यात्रा नहीं करती।
हालांकि पिछले दस वर्षों में पासपोर्ट आवेदन की संख्या में लगातार वृद्धि देखी गई है।
पासपोर्ट अधिनियम 1967 की भूमिका
भारत में पासपोर्ट जारी करने और उससे जुड़े नियम पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत संचालित होते हैं।
इस कानून का उद्देश्य—
- सुरक्षित विदेश यात्रा सुनिश्चित करना।
- नागरिकों की पहचान प्रमाणित करना।
- राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखना।
- अंतरराष्ट्रीय यात्रा को नियंत्रित करना।
वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग में भारत की स्थिति
किसी देश के पासपोर्ट की ताकत इस बात से तय होती है कि उसके नागरिक बिना वीजा या वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा के कितने देशों की यात्रा कर सकते हैं।
2026 की नवीनतम वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग के अनुसार भारतीय पासपोर्ट की स्थिति में गिरावट दर्ज की गई है।
प्रमुख तथ्य
- वर्तमान रैंक: 81वां स्थान
- वर्ष की शुरुआत में रैंक: 75वां स्थान
- वीजा-फ्री या वीजा-ऑन-अराइवल सुविधा: 55 देशों में
हालांकि भारतीय पासपोर्ट की वैश्विक स्थिति में उतार-चढ़ाव आता रहता है, लेकिन सरकार लगातार विभिन्न देशों के साथ यात्रा संबंधी समझौतों पर काम कर रही है।
क्या पासपोर्ट रद्द होने की संख्या चिंता का विषय है?
सिर्फ आंकड़ों को देखकर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि बड़ी संख्या में पासपोर्ट रद्द होने का मतलब बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश रद्दीकरण पासपोर्ट री-इश्यू, रिन्यूअल और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं।
इसलिए नागरिकों को ऐसे आंकड़ों को सही संदर्भ में समझना चाहिए।
पासपोर्ट बनवाने वालों के लिए जरूरी सुझाव
यदि आप नया पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।
- सभी दस्तावेज सही और अद्यतन रखें।
- आवेदन करते समय सही जानकारी भरें।
- पता और पहचान संबंधी प्रमाण स्पष्ट रखें।
- पासपोर्ट की वैधता समाप्त होने से पहले नवीनीकरण करा लें।
- किसी भी एजेंट के बजाय आधिकारिक माध्यम से आवेदन करें।
निष्कर्ष
दिल्ली में वर्ष 2023 से 2025 के बीच लगभग 50 प्रतिशत पासपोर्ट रद्द होने का आंकड़ा पहली नजर में चौंकाने वाला जरूर है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी वजह पासपोर्ट का री-इश्यू, रिन्यूअल और प्रशासनिक प्रक्रिया है। इसे सीधे तौर पर किसी अनियमितता या धोखाधड़ी से जोड़ना उचित नहीं होगा।
वहीं, गोवा का पासपोर्ट सरेंडर सूची में शीर्ष पर होना वहां के नागरिकों द्वारा विदेशी नागरिकता अपनाने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। दूसरी ओर, पंजाब और गुजरात जैसे राज्यों में भी विदेश बसने वाले लोगों की बड़ी संख्या इस सूची में उनकी हिस्सेदारी बढ़ाती है।
भारत में अभी भी कुल आबादी के 8 प्रतिशत से कम लोगों के पास पासपोर्ट है, लेकिन डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन आवेदन प्रणाली और पासपोर्ट सेवा केंद्रों के विस्तार के कारण आने वाले वर्षों में यह संख्या और तेजी से बढ़ने की संभावना है। नागरिकों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि Passport Cancellation, Passport Reissue और Passport Surrender तीन अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं, जिनके अपने-अपने कानूनी और प्रशासनिक कारण होते हैं।
Author: AK
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