दार्जिलिंग में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से पुल ढह गया। 14 लोगों की मौत, कई लापता। सिक्किम से सड़क संपर्क टूटा, हालात गंभीर।
Darjeeling Bridge Collapse: Landslide Cuts Off Sikkim Connection
परिचय
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) हो रहे हैं। हालात इतने बिगड़े कि दार्जिलिंग और सिक्किम को जोड़ने वाला एक अहम पुल ढह गया और कई सड़कें धंस गईं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
दार्जिलिंग और सिक्किम के बीच टूटा संपर्क
पुल ढहने से संकट
दार्जिलिंग और सिक्किम के बीच संपर्क का मुख्य साधन रहा पुल अचानक ढह जाने से दोनों जगहों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
- इस हादसे से स्थानीय लोग तो प्रभावित हुए ही हैं, साथ ही पर्यटन उद्योग पर भी गहरा असर पड़ा है।
- सड़कें धंसने से दार्जिलिंग-सिलीगुड़ी मार्ग भी बंद हो गया है।
पर्यटकों की मुश्किलें
दार्जिलिंग और सिक्किम देश-विदेश के पर्यटकों के पसंदीदा गंतव्य हैं। लेकिन हालात बिगड़ने के बाद कई पर्यटकों को बीच यात्रा ही रोकना पड़ा।
- होटलों और ट्रैवल एजेंसियों ने नई बुकिंग रोक दी है।
- प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से अधिकांश पर्यटन स्थलों को बंद कर दिया है।
जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी और कूचबिहार में बाढ़ जैसे हालात
भारी बारिश का असर सिर्फ दार्जिलिंग तक सीमित नहीं है।
- जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी और कूचबिहार जिलों में पानी भरने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।
- कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
- खेतों में पानी भर जाने से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने और नदियों से दूर रहने की अपील की है।
#WATCH | West Bengal Movement of vehicles has been restricted on the Siliguri-Darjeeling SH-12 road after a portion of Dudhia iron bridge collapsed due to heavy rain in North Bengal. pic.twitter.com/0Rv61YekTa
— ANI (@ANI) October 5, 2025
दुधिया आयरन पुल बहा
दार्जिलिंग जिले के मिरिक क्षेत्र में भी भारी तबाही देखने को मिली।
- भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई।
- वहीं, दुधिया आयरन पुल का बड़ा हिस्सा बह गया, जिससे सिलीगुड़ी और मिरिक का संपर्क टूट गया।
- कालिम्पोंग और कार्सियांग में भी भूस्खलन की खबरें हैं।
राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच तो गए हैं, लेकिन लगातार बारिश से काम करना बेहद कठिन हो रहा है।
Due to the incessant heavy rainfall in North Bengal, the hilly regions of Darjeeling, Kalimpong, and Kurseong have been severely affected, with communication and transport links to the plains of Siliguri, Terai, and Dooars almost completely disrupted due to landslides and… pic.twitter.com/ugkbLrTmQr
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) October 5, 2025
राष्ट्रीय राजमार्ग बंद
NH-10 और NH-717A पर असर
भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभावित हुए हैं।
- NH-10 पर चित्रे और सेल्फी दारा इलाके में भूस्खलन हुआ है।
- NH-717A पर भी कई जगहों पर सड़कें बंद हो गई हैं।
- तीस्ता बाजार इलाके में बाढ़ के हालात हैं, जिससे दार्जिलिंग से कालिम्पोंग का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया है।
कोरोनेशन ब्रिज भी क्षतिग्रस्त
सिक्किम और दार्जिलिंग को जोड़ने वाला कोरोनेशन ब्रिज टूटने से हालात और गंभीर हो गए।
अब लोगों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन और पुलिस की स्थिति
दार्जिलिंग के कई इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी है।
- कुर्सेओंग के एडिशनल एसपी के अनुसार, 7 शव मलबे से निकाले जा चुके हैं और अन्य लोगों की तलाश जारी है।
- दिलाराम और रोहिणी रोड पूरी तरह बंद हो चुकी हैं।
- पर्यटकों को तिनधरिया रोड से होकर गुजरने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने कई इलाकों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी कर दिया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक स्थिति खराब रहने की संभावना जताई है।
- पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पहाड़ी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
- 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
- गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी है।
मौसम विभाग ने कहा है कि 7 अक्टूबर तक हालात सामान्य होने की उम्मीद नहीं है।
प्रभाव और चुनौतियां
जनजीवन पर असर
- लोगों के घरों में पानी भर गया है।
- बिजली और इंटरनेट सेवाएं बाधित हो गई हैं।
- कई स्कूल और दफ्तर बंद कर दिए गए हैं।
राहत कार्य की चुनौतियां
- लगातार बारिश के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
- पहाड़ी इलाकों में मलबा हटाना मुश्किल हो रहा है।
- हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।
निष्कर्ष
दार्जिलिंग और सिक्किम में आई यह प्राकृतिक आपदा एक बड़ा सबक है कि कैसे जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक बारिश पहाड़ी इलाकों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। पुलों का ढहना, सड़कों का धंसना और बार-बार होने वाले भूस्खलन बताते हैं कि इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत और टिकाऊ बनाने की बेहद जरूरत है।
सरकार और प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों को बचाना और राहत सामग्री पहुंचाना है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस आपदा से क्या सबक लिया जाता है और पहाड़ी राज्यों में आपदा प्रबंधन को कैसे बेहतर बनाया जाता है।
Darjeeling Bridge Collapse, दार्जिलिंग लैंडस्लाइड, सिक्किम सड़क संपर्क, पश्चिम बंगाल बारिश, दार्जिलिंग आपदा
यह भी पढ़े: TRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












