
Chaos Overshadows Faith: Railway and Police Blamed for Deaths in Delhi Stampede
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में योगी सरकार और केंद्र सरकार ने जितना प्रचार-प्रसार किया उस हिसाब से व्यवस्था नहीं की। सही मायने में आस्था पर अव्यवस्था भारी पड़ गई। 29 जनवरी, मौनी अमावस्या को प्रयागराज में और राजधानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर 15 फरवरी की रात मची भगदड़ में सरकारी आंकड़े के अनुसार 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ सैकड़ों लोग घायल भी हैं । प्रयागराज के कुंभ में आयोजन के दौरान लगातार हादसे हो रहे हैं उसके बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार संगम में कितने करोड़ लोगों ने स्नान किया, गिनती करने में लगी हुई है। अगर बात करें दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में पूरी गलती रेलवे और पुलिस की है। जिसकी वजह से 18 लोगों की जान चली गई।

इसके बावजूद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव इस लापरवाही पर पर्दा डालने में लगे हुए थे । नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शनिवार को हुई भगदड़ में 14 महिलाओं और 4 पुरुषों की मौत हो गई। इनमें 4 बच्चे हैं। मृतकों को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल लाया गया था। ज्यादातर शवों के सीने और पेट में चोटें थीं। उनकी दम घुटने से जान गई। जबकि कई अन्य लोग बुरी तरह घायल हो गए, जिन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलने पर उपराज्यपाल वीके सक्सेना और दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी समेत कई नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना।दिल्ली में भगदड़ क्यों मची, इस पर आए 3 सरकारी बयानों ने जांच उलझा दी है। दरअसल, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रयागराज नाम से दो ट्रेन थीं। इनमें से एक स्पेशल के प्लेटफॉर्म 16 पर पहुंचने का अनाउंसमेंट हुआ। तब प्लेटफॉर्म 14 पर प्रयागराज (मगध) एक्सप्रेस खड़ी थी। जो यात्री 14 पर जा रहे थे, वो अनाउंसमेंट सुनकर 16 की तरफ भागे। वहीं, उत्तर रेलवे के सीपीआरओ का कहना है कि प्लेटफॉर्म 14-15 के फुटओवर ब्रिज पर एक यात्री का पैर फिसला और उससे स्थिति बिगड़ी। जबकि केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार का कहना है कि भगदड़ की फर्जी खबर फैलाने के एंगल से भी जांच कर रहे हैं। रेलवे ने हादसे की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई है। वहीं दिल्ली पुलिस ने भी घटना की जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार और रेलवे की व्यवस्था पर उठाए सवाल–

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना पर शोक जताया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं। यह घटना एक बार फिर रेलवे की नाकामी और सरकार की असंवेदनशीलता को उजागर करती है। प्रयागराज जा रहे श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए स्टेशन पर बेहतर इंतजाम किए जाने चाहिए थे।सरकार और प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि बदइंतजामी और लापरवाही के कारण किसी को अपनी जान न गंवानी पड़े। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी इस हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर हुई मौतों के मामले में मोदी सरकार द्वारा सच्चाई छिपाने की कोशिश बेहद शर्मनाक और निंदनीय है। खड़गे ने लिखा, ‘नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ से कई लोगों की मृत्यु हो जाने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। स्टेशन से आ रहे वीडियो बेहद हृदयविदारक है।

हमारी मांग है कि मृतकों व घायलों की संख्या जल्द से जल्द घोषित की जाए व गुमशुदा लोगों की पहचान भी सुनिश्चित की जाए। पीड़ितों के परिजनों को हमारी गहरी संवेदनाएं। घायलों को तत्काल इलाज हेतु स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस हादसे पर शोक जताया है। उन्होंने लिखा, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़ की वजह से मची भगदड़ में महिलाओं और बच्चों समेत कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें। शोक-संतप्त परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। हादसे पर पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के चीफ लालू प्रसाद यादव ने कहा कि यह रेलवे का मिस मैनेजमेंट है जिसके कारण इतने सारे लोगों की जान चली गई। रेल मंत्री को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
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Author: AK
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