(पार्टी से किए किनारे)
करीब एक दशक पहले तक बहुजन समाजवादी पार्टी यानी बसपा का देश भर में अच्छा ग्राफ हुआ करता था। लेकिन धीरे-धीरे यह पार्टी लोकतंत्र के मेले में कमजोर होती चली गई । बसपा का उत्तर प्रदेश गढ़ हुआ करता था आज यहीं पार्टी की हालत बेहद खराब है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और बसपा सुप्रीमो मायावती को पार्टी को एक बार फिर से खड़ा करने पर कोई होनहार नेता नहीं मिल रहा है। वैसे यह भी सच है कि बसपा में कई दिग्गज नेता पार्टी छोड़ भी चुके हैं। थक हारकर मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी दी थी लेकिन वह भी इस काबिल नहीं निकले कि बसपा को आगे बढ़ा सके ।
बसपा अध्यक्ष मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को साल में दूसरी बार नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया। मायावती ने लखनऊ की मीटिंग में इसका एलान लान करते हुए कहा, ‘जीते-जी किसी को भी अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं करूंगी।’ आकाश के पिता आनंद कुमार और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया है। मीटिंग में आकाश नहीं पहुंचे, उनके लिए लगाई गई कुर्सी भी हटा ली गई। बसपा अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दें तो 2014 के बाद से बसपा का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है।
इसी वजह से 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया और नेशनल कॉर्डिनेटर बनाया। हालांकि चुनाव के दौरान ही मायावती ने उन्हें अपरिपक्व बताया और हटा भी दिया। हालांकि चुनाव खत्म होने के बाद फिर उन्हें नेशनल कॉर्डिटनेटर बना दिया गया। हालांकि अब आकाश आनंद को जिम्मेदारियों से मुक्त करना उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
मायावती ने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पिछले महीने पार्टी से निष्कासित किये जाने के बाद यह कदम उठाया है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 15 दिन पहले भतीजे आकाश आनंद को अल्टीमेटम दिया था। कहा था- बसपा का वास्तविक उत्तराधिकारी वही होगा, जो कांशीराम की तरह हर दुख-तकलीफ उठाकर पार्टी के लिए आखिरी सांस तक जी-जान लगाकर लड़े और पार्टी मूवमेंट को आगे बढ़ाता रहे। बसपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में यह तय किया गया कि पार्टी मजबूती से पहले अपने संगठन को ठीक करेगी और वोट बैंक तक पहुंचेगी।
उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाला विधानसभा चुनाव कहीं न कहीं बसपा के राजनीतिक भविष्य का तय करने वाला चुनाव होगा। यदि पिछले चुनावों जैसी हालत ही इस बार भी होती है तो बसपा बचेगी या उस पर संकट आ जाएगा। बसपा में अब पूर्व सांसद रामजी गौतम का कद काफी बढ़ गया है। मायावती ने कहा कि दूसरे राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर रामजी गौतम पूरे देश में स्टेट में जाकर पार्टी की प्रगति रिपोर्ट लेंगे। पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिए मेरे द्वारा समय-समय पर दिए गए जरूरी दिशा-निर्देशों को लागू करवाएंगे। जहां चुनाव नजदीक होंगे वहां अपना ज्यादा समय देंगे।
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Author: AK
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