(माणा में हिमस्खलन)
उत्तराखंड में चमोली के माणा में हिमस्खलन के बाद बर्फ में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन रविवार को समाप्त हो गया। इससे पूर्व, बचाव दल ने लापता चल रहे चार श्रमिकों के शव बरामद कर लिए। इससे हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई।
46 मजदूरों को सकुशल बचा लिया गया है। माणा में 28 फरवरी की सुबह नर पर्वत से बर्फ दरकने से 54 मजदूर फंस गए थे। इन्हें बचाने के लिए आईटीबीपी और सेना ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया। घटनास्थल पर बदहवास मिले 33 श्रमिकों को बचाव दलों ने सैन्य व दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया।सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आइटीबीपी और उत्तराखंड पुलिस के जवान एक मजदूर को बचाने के लिए पिछले 57 घंटे कड़ी मेहनत की, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है। तीन दिन से लगातार जवान रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे थे।
शनिवार तक कुल 50 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया जिनमें से चार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं आज अन्य 4 लोगों के शव बरामद होने के बाद मरने वालों की संख्या कुल 8 हो गई है। बीते कुछ दिनों से चमोली जिले में भारी बर्फबारी हो रही थी, जिससे चलते जगह-जगह बर्फ जमा हो गई थी। सुबह-सुबह ठेकेदार के 54 मजदूर सड़कों से बर्फ हटाने और मरम्मत का काम कर रहे थे। ये सभी मजदूर वहीं पर कैंप बना कर रह भी रहे थे। इन लोगों ने अपने रहने के लिए पांच कंटेनर वहां पर रखे थे।
ऐसे में अचानक ग्लेशियर फटने से सभी के सभी मजदूर उसी कंटेनर में दब गए। मजदूरों की संख्या पहले 55 बताई जा रही थी लेकिन एक मजदूर के हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित अपने घर सुरक्षित पहुंच जाने की सूचना मिलने के बाद यह संख्या 54 रह गयी ।
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Author: AK
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