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11 महीने पहले नवंबर साल 2021 में जब भारतीय मूल के पराग अग्रवाल दुनिया की सबसे लोकप्रिय सोशल साइट ‘टि्वटर के सीईओ’ का पद संभाल रहे थे तब उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें कंपनी से निकलवाया जाएगा। कई महीनों से कयास लगाए जा रहे थे कि दुनिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन एलन मस्क जब ट्विटर को अधिग्रहण करेंगे उनका पहला निशाना पराग अग्रवाल ही होंगे। इसकी वजह यह है कि इसी साल अप्रैल महीने में एलन मस्क ट्विटर को लेकर हुई डील पर सीईओ पराग अग्रवाल ने तंज कसा था। उसके बाद अग्रवाल एलन मस्क के निशाने पर आ गए थे। आखिरकार गुरुवार को टेस्ला कंपनी के मालिक एलन मस्क ने सभी को चौंकाते हुए ट्विटर को खरीद लिया है। ट्विटर को खरीदने के बाद एक्शन में आए एलन मस्क ने भारतीय मूल के सीईओ पराग अग्रवाल को तत्काल प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया (बर्खास्त कर दिया ।)
इसके साथ उन्होंने और दो अन्य टॉप अधिकारियों की छुट्टी कर दी है। इनमें कंपनी की पॉलिसी हेड विजया गाड्डे और चीफ फाइनेंसियल ऑफिसर नेड सेगल के नाम शामिल हैं। मस्क ने इन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी अकाउंट्स की संख्या को लेकर उन्हें और ट्विटर इन्वेस्टर्स को गुमराह करने का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पराग अग्रवाल और नेड सहगल ने कंपनी के सैन फ्रांसिस्को मुख्यालय को छोड़ दिया है। वहीं मस्क ने ट्विटर से डील की कई वजह बताई हैं। इसके साथ ही मस्क और ट्विटर के बीच पिछले कई महीने से चल रहा विवाद भी खत्म हो गया है। मस्क ने ट्विटर की खरीदने के लिए 44 अरब डॉलर का ऑफर दिया था। लेकिन बाद में वह इससे मुकर गए थे। इसके बाद ट्विटर ने उन्हें कोर्ट में घसीट लिया था। अगर मस्क शुक्रवार तक इस डील को आगे नहीं बढ़ाते तो कोर्ट में इस मामले की सुनवाई शुरू हो जाती। टेस्ला के CEO मस्क ने कोर्ट की तय डेडलाइन से पहले ही माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर का अधिग्रहण कर लिया। एलन मस्क गुरुवार को फिल्मी अंदाज में सैन फ्रांसिस्को में स्थित ट्विटर के हेडक्वार्टर पहुंचे थे। उन्होंने हेडक्वार्टर का एक वीडियो भी ट्वीट किया था, जिसका कैप्शन था ‘Twitter HQ में प्रवेश करते हुए- ले दैट सिंक इन!’ वीडियो में एलॉन मस्क के हाथ में एक सिंक भी नजर आ रहा था. हेडक्वार्टर पहुंचने के कुछ देर बाद उन्होंने अपने ट्विटर बायो को अपडेट कर दिया। उन्हें अपने बायो में ‘Chief Twit’ लिखा। एलन मस्क ने Twitter को खरीदने के पीछे की वजह बताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा था, ”मैंने ट्विटर क्यों खरीदा, इसे लेकर लगातार कई अटकलें लगाई गईं, लेकिन इनमें से ज्यादातर गलत साबित हुई हैं।
मस्क ने खुलासा करते हुए लिखा कि उन्होंने ट्विटर को इसलिए खरीदा है ताकि हमारी आने वाली सभ्यता के पास एक कॉमन डिजिटल स्पेस हो, जहां विभिन्न विचारधारा और विश्वास के लोग किसी भी तरह की हिंसा के बिना स्वस्थ चर्चा कर सकें। बता दें कि एलन मस्क ने इस साल 13 अप्रैल को ट्विटर खरीदने का ऐलान किया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को 54.2 डॉलर प्रति शेयर के रेट से 44 अरब डॉलर में खरीदने का ऑफर दिया था। लेकिन तब स्पैम और फेक अकाउंट्स की वजह से उन्होंने उस डील को ही होल्ड पर रख दिया था। इसके बाद 8 जुलाई को मस्क ने डील तोड़ने का फैसला किया। इसके खिलाफ ट्विटर ने कोर्ट का रुख किया था। लेकिन फिर अक्टूबर महीने की शुरुआत में मस्क ने अपना रुख बदला और फिर से डील को पूरी करने के लिए तैयार हो गए। इसी बीच डेलावेयर कोर्ट ने 28 अक्टूबर तक डील पूरी करने का आदेश दिया था। एलन मस्क ने एक दिन पहले ही ट्विटर के दफ्तर में पहुंचकर सभी को चौंका दिया ।
Author: AK
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