DW Samachar – Header
BREAKING

नहाए खाए के साथ आज से छठ पूजा की हुई शुरुआत, 31 अक्टूबर को होगा पारण

Chhath fest to begin with 'nahay-khay' today
Chhath fest to begin with 'nahay-khay' today
Chhath fest to begin with 'nahay-khay' today
JOIN OUR WHATSAPP GROUP

भारत के कुछ राज्यों में हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा मनाई जाती है। छठ पर्व भारत के कठिन पर्वों में से एक है जो 4 दिनों तक चलता है। इस पर्व में व्रती 36 घंटे निर्जला व्रत रख सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करती हैं। इस व्रत में सूर्य देव को अर्घ्य देते हुए उनकी पूजा करती हैं।

नहाय- खाय के साथ शुरू होता है यह व्रत
प्रतेक वर्ष कार्तिक माह की चतुर्थी के साथ इस व्रत के लिए पूजा शुरू हो जाती है। सबसे पहले तिथि चतुर्थी नहाय-खाय होता है, इस दिन व्रत करने वाली महिलाएं और पुरुष एक समय का भोजन करके अपने मन को शुद्ध करते हैं। इस दिन से घर में शुद्धता का बहुत ध्यान रखा जाता है, और लहसुन-प्याज़ बनाने की मनाही हो जाती है। नहाय-खाय वाले दिन व्रती महिलाएं लौकी की सब्ज़ी, चने की दाल, चावल और मूली खाती हैं।

Digital Women Trust

इसके बाद दूसरे दिन की पूजा को “खरना” के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रती पूरे दिन का उपवास रखती हैं। खरना का मतलब होता है, शुद्धिकरण। खरना के दिन शाम होने पर गुड़ की खीर का प्रसाद बना कर व्रती महिलाएं पूजा करने के बाद अपने दिन भर का उपवास खोलती हैं। फिर इस प्रसाद को सभी में बाँट दिया जाता है। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है। इस दिन प्रसाद बनाने के लिए नए मिट्टी के चूल्हे और आम की लकड़ी का प्रयोग करना शुभ माना जाता है।

तीसरे दिन शाम के समय डूबते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है, जिसकी वजह से इसे “संध्या अर्ध्य“ कहा जाता है। इस दिन व्रती महिलाएं भोर में सूर्य निकलने से पहले रात को रखा मिश्री-पानी पीती हैं। उसके बाद अगले दिन अंतिम अर्घ्य देने के बाद ही पानी पीना होता है। संध्या अर्घ्य के दिन विशेष प्रकार का पकवान “ठेकुवा” और मौसमी फल सूर्य देव को चढ़ाए जाते हैं, और उन्हें दूध और जल से अर्घ्य दिया जाता है।
मान्यताओं के अनुसार छठ पूजा और व्रत परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और संपन्नता के लिए रखा जाता है। चार दिन के इस व्रत पूजन की कुछ विधाएं बेहद कठिन होती हैं, जिनमें से सबसे प्रमुख 36 घंटे का निर्जला व्रत है।

छठ पूजा तिथि
28 अक्टूबर, शुक्रवार-नहाय खाय
29 अक्टूबर, शनिवार-खरना
30 अक्टूबर, रविवार – डूबते सूर्य को अर्घ्य
31 अक्टूबर, सोमवार- उगते हुए सूर्य को अर्घ्य

AK
Author: AK

! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !

Relates News

Advertisement

Rudra enterprises - Devanshu Deepak Jehanabad
⚡ लाइव अपडेट
खबरें लोड हो रही हैं…

लेटेस्ट न्यूज़