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कर्नाटक में मुख्यमंत्री के नाम को लेकर बेंगलुरु से दिल्ली तक 4 दिन चली माथापच्ची के बाद कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया के नाम पर मुहर लगा दी है। कर्नाटक में सिद्धारमैया मुख्यमंत्री होंगे और डी के शिवकुमार डिप्टी सीएम होंगे। 20 मई को बेंगलुरु में दोपहर 12.30 बजे शपथ ग्रहण होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डीके शिवकुमार मान गए हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया के नाम पर सीएम की मुहर लगने के बाद अब उनके आवास के बाहर भारी सुरक्षाबल तैनात कर दी गई है। उनके समर्थकों में खास उत्साह भी देखने को मिल रहा है। कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में सिद्धारमैया के पोस्टर, बैनर लगे दिखाई दे रहे हैं। यह फैसला बुधवार देर रात केसी वेणुगोपाल के घर पर बैठक के बाद लिया गया। इसका ऑफिशियल एलान आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे। शिवकुमार ने गुरुवार सुबह कहा, ‘मैं पार्टी के फॉर्मूले पर राजी हूं। आगे लोकसभा चुनाव हैं और मैं जिम्मेदारियों के लिए तैयार हूं। पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए मैंने सहमति दी है।’ शिवकुमार को छह अहम विभागों के साथ डिप्टी सीएम का प्रस्ताव दिया गया था। दूसरा प्रस्ताव सत्ता के बंटवारे का था। इसके तहत सिद्धारमैया को पहले दो व अगले तीन साल के लिए शिवकुमार को सीएम बनाने का प्रस्ताव था। शिवकुमार ने कहा था कि पहले उन्हें मौका दिया जाए। हालांकि, डिप्टी सीएम बनने के लिए वह किन शर्तों पर माने हैं, इसका खुलासा अभी नहीं हाे सका है।

कांग्रेस ने आज शाम 7 बजे बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें पार्टी के सेंट्रल ऑब्जर्वर भी पहुंचेंगे। राहुल और खड़गे की सिद्धारमैया और डीके के साथ दो मीटिंग्स बेनतीजा रही थीं। इससे पहले कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख डीके शिवकुमार ने सुरजेवाला से उनके आवास पर मुलाकात की थी और शिवकुमार ने अपने भाई और पार्टी सांसद डीके सुरेश के आवास पर पार्टी के नेताओं और समर्थकों से भी चर्चा की। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक के पार्टी प्रभारी रणदीप सुरजेवाला और पार्टी नेता एमबी पाटिल बुधवार शाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर पहुंचे। गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे शनिवार को घोषित हो गए थे। हालांकि, राज्य के अगला सीएम तय करने के लिए कांग्रेस को चार दिन का समय लग गया। दरअसल, कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया को सीएम बनाने का तो मन बना लिया था, लेकिन शिवकुमार द्वारा सीएम पद की दावेदारी से पीछे नहीं हटने के कारण मामला फंसा रहा।
Author: AK
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