जहानाबाद। सदर प्रखंड अंतर्गत लरसा पंचायत के चालीसा गांव स्थित खोनी टोला आज भी बुनियादी सुविधाओं की राह देख रहा है। आजादी के दशकों बाद भी करीब 40 घरों की आबादी वाले इस टोले तक पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है। बिजली की सुविधा तो यहां पहुंच गई, लेकिन सड़क के अभाव में ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन से लेकर आपात स्थिति तक में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
एंबुलेंस तो दूर, टेंपो भी नहीं पहुंचता
खोनी टोला तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को करीब 800 मीटर लंबी पथरीली और संकरी पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है। सबसे गंभीर स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब कोई ग्रामीण बीमार पड़ जाता है। सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस या चारपहिया वाहन तो दूर, टेंपो तक टोले में नहीं पहुंच पाता। ऐसे में मरीज को खटिया पर लिटाकर पगडंडी के रास्ते मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके बाद किसी वाहन की मदद से मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को इस तरह खटिया पर लेकर जाना कई बार जान जोखिम में डालने जैसा होता है। बरसात के दिनों में पगडंडी पर कीचड़ और जलजमाव के कारण परेशानी और बढ़ जाती है।
सड़क के अभाव में रिश्ते तय होने में भी परेशानी
सड़क की समस्या का असर ग्रामीणों के सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, टोले में सड़क संपर्क नहीं होने के कारण विवाह योग्य युवक-युवतियों के रिश्ते तय करने में भी परेशानी आती है। कई अच्छे रिश्ते आने के बावजूद सड़क और आवागमन की समस्या के कारण लोग यहां अपनी बेटियों का विवाह करने से हिचकते हैं।
बारिश में मुख्यधारा से कट जाता है टोला
ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के मौसम में टोले के चारों तरफ पानी भर जाता है। जलजमाव के कारण आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है और कई बार पूरा टोला मुख्य सड़क और आसपास के क्षेत्रों से लगभग कट जाता है। अधिकांश परिवार मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते हैं। ऐसे में सड़क की सुविधा नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और रोजमर्रा के कामों के लिए आने-जाने में काफी दिक्कत होती है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण की समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान सड़क निर्माण के वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद समस्या जस की तस रह जाती है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से खोनी टोला को जल्द मुख्य सड़क से जोड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क बनने से न केवल आवागमन की समस्या दूर होगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं तक उनकी पहुंच भी आसान हो सकेगी।
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