यूनेस्को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर आयोजित होगा ‘युवा वैज्ञानिक सम्मेलन 2026’ एवं ‘वैज्ञानिक साक्षरता, उर्दू और सतत विकास महोत्सव’
पटना, 2 सितंबर 2026। बिहार की युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से 8 सितंबर को राजधानी पटना में ‘युवा वैज्ञानिक सम्मेलन 2026’ एवं ‘वैज्ञानिक साक्षरता, उर्दू और सतत विकास महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन कायनात फाउंडेशन, कायनात नगर, काको, जहानाबाद, राष्ट्रीय उर्दू भाषा संवर्धन परिषद, नई दिल्ली, श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र, राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार तथा बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना के सहयोग से किया जा रहा है।
यह कार्यक्रम यूनेस्को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2026 के अवसर पर श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र, पश्चिम गांधी मैदान, पटना में आयोजित होगा। इस वर्ष सम्मेलन की विषय-वस्तु ‘लोगों, पृथ्वी और समृद्धि के लिए साक्षरता’ पर आधारित है।
सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों से युवा एवं उभरते वैज्ञानिक, विद्यार्थी और विज्ञान में रुचि रखने वाले प्रतिभागी शामिल होंगे। उन्हें अपनी जिज्ञासा, रचनात्मकता, वैज्ञानिक सोच और नवाचार को प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थी वैज्ञानिक प्रदर्शों की प्रस्तुति, ‘वैज्ञानिक बनने की गतिविधि’, वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष संवाद एवं प्रश्नोत्तर जैसी गतिविधियों में भाग लेंगे। इसके साथ ही विज्ञान और भाषा के अभिनव समन्वय पर आधारित विशेष उर्दू काव्य-सत्र ‘बाज़गश्त’ का भी आयोजन किया जाएगा।
पांच चरणों में होगा कार्यक्रम
कार्यक्रम को पांच प्रेरणादायी चरणों में विभाजित किया गया है। इसकी शुरुआत ‘जागृति’ से होगी, जिसके तहत सुबह 11 बजे सम्मेलन का उद्घाटन किया जाएगा।
इसके बाद दोपहर 12:30 बजे ‘संवाद’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों से सीधे बातचीत करने और अपने सवाल पूछने का अवसर मिलेगा।
दोपहर 2:45 बजे ‘अन्वेषण’ के तहत जीवंत एवं रोचक वैज्ञानिक प्रदर्शनों के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान की अवधारणाओं को सरल और आकर्षक तरीके से समझाया जाएगा।
अपराह्न 3:45 बजे ‘प्रेरणा’ चरण के तहत ‘भाषा से परे विज्ञान : बाज़गश्त’ कार्यक्रम होगा। इसमें भाषा, रचनात्मकता और संवाद के माध्यम से वैज्ञानिक ज्ञान को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
इसके बाद ‘उत्सव’ के तहत युवा प्रतिभागियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा, रचनात्मकता, उत्साह और उपलब्धियों का उत्सव मनाया जाएगा।
विज्ञान, भाषा और सतत विकास के बीच बनेगा सेतु : शकील काकवी
कायनात फाउंडेशन के संस्थापक सचिव शकील अहमद काकवी ने कहा कि यह सम्मेलन केवल एक दिवसीय आयोजन नहीं है, बल्कि बिहार की युवा पीढ़ी में जिज्ञासा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और वैज्ञानिक साक्षरता की संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा, “विज्ञान समाज के हर वर्ग के लोगों को एक साथ जोड़ता है।” इसी भावना के साथ सम्मेलन के माध्यम से विज्ञान, भाषा और सतत विकास के बीच एक सार्थक सेतु बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
शकील काकवी ने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। इनके संवाद और विचार युवा प्रतिभागियों को विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा वैज्ञानिक सम्मेलन 2026 बिहार की युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें प्रोत्साहित करने के साथ-साथ विद्यार्थियों को जिम्मेदार नवप्रवर्तक बनने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करने वाला सार्थक मंच साबित होगा।
Jehanabad News: Young and emerging scientists from various parts of Bihar will gather; a Young Scientists’ Conference will be held in Patna on September 8.



















