
Expectations of Tax Relief and Benefits for All Sectors, Eyes on Finance Minister’s Announcement
जनवरी खत्म, फरवरी का महीना शुरू हो गया है। आज 1 फरवरी है। आज मोदी सरकार का बजट का पिटारा खुलने जा रहा है। दोपहर 11 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश करेंगी। निर्मला सीतारमण रिकॉर्ड आठवीं बार आम बजट पेश करेंगी, जो अपने आप में एक इतिहास होगा। इससे पहले मोरारजी देसाई ने लगातार 6 बजट पेश किए थे। इस बार के बजट में मध्यमवर्ग को राहत मिलने की उम्मीद है, जैसा की पीएम मोदी ने संकेत भी दिया है। बजट 2025-26 से मध्यम वर्ग और व्यापार जगत को कई उम्मीदें हैं, खासकर टैक्स छूट, महंगाई पर राहत और विकास योजनाओं को लेकर। आज सबकी निगाहें बजट 2025 पर टिकी हैं। पिछले कुछ सालों से टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं हुआ है। और मिडिल क्लास को उम्मीद है कि इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उन्हें राहत देंगी। बता दें कि अभी 15 लाख से ज्यादा की इनकम पर 30 प्रतिशत टैक्स लगता है। और इस बार टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि 25 प्रतिशत का नया टैक्स स्लैब पेश किया जा सकता है।
बजट में टैक्सपेयर्स को वित्त मंत्री से बड़ी उम्मीदें है और नए रिजीम के तहत टैक्स छूट सीमा 10 लाख रुपये तक होने की उम्मीद है। आज हम आपको बता रहे हैं पिछले 10 सालों में इनकम टैक्स स्लैब रेट क्या रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में आम बजट पेश होने से एक दिन पहले अपनी सरकार के दृष्टिकोण को सामने रखते हुए शुक्रवार को संकेत दिया कि इस दफा गरीबों और मध्यम वर्ग के साथ-साथ महिलाओं के लिए नई पहलों की घोषणा की जा सकती है। संसद के बजट सत्र के पहले दिन मोदी ने मीडिया को दिए अपने पारंपरिक संबोधन की शुरुआत धन और समृद्धि से जुड़ी देवी लक्ष्मी को प्रणाम करते हुए की और यह प्रार्थना भी की कि आगामी आम बजट के मद्देनजर देश के हर गरीब एवं मध्यम वर्ग पर माता लक्ष्मी की विशेष कृपा रहे। धार्मिक और सांप्रदायिक मतभेदों से मुक्त महिलाओं के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बजट सत्र के दौरान लिए जाएंगे। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और उनकी टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती विकास को गति देना और राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.5% के नीचे बनाए रखना है।
बजट तैयार करने में वित्त सचिव, आर्थिक मामलों के सचिव, व्यय सचिव, दीपम सचिव, वित्तीय सेवा सचिव और मुख्य आर्थिक सलाहकार का अहम योगदान होगा। बता दें कि पहले बजट फरवरी के अंतिम दिन शाम 5 बजे पेश किया जाता था। 1999 में इसे सुबह 11 बजे कर दिया गया, और 2017 में 1 फरवरी को बजट पेश करने की परंपरा शुरू हुई ताकि योजनाओं को जल्द लागू किया जा सके। बजट 2025-26 से सभी वर्गों को राहत की उम्मीद है। सरकार के सामने अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने, विकास को बढ़ावा देने और मध्यम वर्ग को राहत देने की चुनौती है। अब देखना होगा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण क्या बड़े एलान करती हैं।
यह भी पढ़े: TRAI ने जारी किए नए सिम कार्ड Rule, अब नहीं करवाना पड़ेगा महंगा रिचार्ज, यहां देखें पूरी डिटेल्स
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !



















