Uttarakhand Municipal Elections: Campaigning Ends Today at 5 PM, Voting on January 23
उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव का प्रचार अंतिम दौर में है। आज 21 जनवरी की शाम 5 बजे प्रचार बंद हो जाएगा। जिसके बाद प्रत्याशी डोर टू डोर प्रचार-प्रसार कर सकेंगे। वहीं एक ओर इन दिनों प्रदेश में उम्मीदवार जमकर प्रचार-प्रसार कर रहे हैं तो वहीं, दूसरी ओर राज्य निर्वाचन आयोग शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराए जाने को लेकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की कवायद में जुट गया है।
11 नगर निगम 43 नगर पालिका और 46 नगर पंचायत के लिए 23 जनवरी को मतदान होगा।
भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है। आज भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम पार्टियों और निर्दलीयों उम्मीदवारों ने प्रचार के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। राज्य चुनाव आयोग निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव की तैयारियों में जुटा है। इसी कड़ी में राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने बीते दिवस सभी जिलाधिकारियों व पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक में तैयारियों की समीक्षा की थी। निकाय चुनावों के दौरान किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए देहरादून में तीन नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। मुख्य नियंत्रण कक्ष जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय में स्थापित किया गया है। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है। सभी संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे ताकि मतदाता निडर होकर मतदान कर सकें।
राज्य चुनाव आयोग की ओर से जारी सूची के अनुसार, राज्य में महिला मतदाताओं की संख्या 14 लाख 66 हजार 151 है तो 15 लाख 62 हजार 349 पुरुष मतदाता हैं। वहीं थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 528 है। पिथौरागढ़ में महिला मतदाताओं की संख्या जहां 30952 है, पुरुष मतदाताओं की संख्या 30468 है। देहरादून जिले में सर्वाधिक नौ लाख 98 हजार 231 मतदाता हैं। वहीं उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव मतगणना और गणतंत्र दिवस को देखते हुए अगले चार दिन शराब के ठेके बंद रहेंगे।
जिलाधिकारी के आदेश के बाद निर्णय लिया गया है। नगर निकाय चुनाव की तिथि से 24 घंटे पूर्व शराब के ठेके बंद किए जाएंगे। ये मतदान पूर्ण होने के बाद खुलेंगे और मतगणना से लेकर गणतंत्र दिवस तक शराब के ठेके बंद रहेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने नगर निकायों में मौजूद मतदान केंद्रों और पोलिंग बूथों को संवेदनशीलता के आधार पर बांटा है। जिसके तहत 588 मतदान केंद्रों और 1290 पोलिंग बूथों को संवेदनशील और 419 मतदान केंद्रों और 1043 पोलिंग बूथों को अतिसंवेदनशील कैटेगरी में रखा है।
हालांकि, संवेदनशील और अति संवेदनशील कैटेगरी में रखे गए मतदान केंद्रों और पोलिंग बूथ सुरक्षा से संबंधित अतिरिक्त व्यवस्था दी जाएगी, ताकि खासकर अति संवेदनशील मतदान पोलिंग बूथों पर मतदाता शांतिपूर्ण ढंग से मतदान कर सके। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) की ओर से 23 जनवरी को प्रदेश के सभी नगर निकायों में सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारी के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। ताकि मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।
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Author: AK
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