
उत्तराखंड की केदारनाथ विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की है। भाजपा की आशा नौटियाल ने कांग्रेस के मनोज रावत को हराया है। भाजपा प्रत्याशी आशा नौटियाल 5099 वोट से जीत गई है। आशा नौटियाल को 23814 वोट मिले। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी मनोज रावत को 18191 मत प्राप्त हुए हैं। भाजपा को यह बड़ी जीत मिली है। मतगणना के दौरान एक बार ऐसा भी लगा जब निर्दलीय उम्मीदवार त्रिभुवन सिंह, कांग्रेस के मनोज रावत से आगे निकल गए थे। बाद में कांग्रेस ने लीड बनाई। खास बात ये कि पिछली बार की विधानसभा से बीजेपी को ज्यादा वोट मिले। प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी केदारनाथ विधानसभा की इस सीट पर संघ परिवार भी पूरी ताकत से जुटा और बीजेपी के उम्मीदवार को जिताने के लिए खासी मेहनत की। इस उपचुनाव को जीतने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंकी हुई थी।
वहीं केदारनाथ उपचुनाव के दौरान कांग्रेस ने नई दिल्ली में केदारनाथ मंदिर के शिलान्यास को मुद्दा बनाने पर पूरा जोर दिया। लेकिन केदारनाथ मंदिर के चक्रव्यूह में कांग्रेस खुद ही फंस गई और पार नहीं पा पाई। कांग्रेस को केदारनाथ विधानसभा सीट उपचुनाव में भी मंगलौर और बदरीनाथ सीट जैसी उम्मीद थी। उनके सभी दिग्गज नेताओं ने केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र में डेरा डाला था. लेकिन उनकी मेहनत रंग नहीं ला सकी। पार्टी प्रत्याशी मनोज रावत को हार का सामना करना पड़ा।



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए प्रतिष्ठा के लिए सीट बनी केदारनाथ सीट पर आशा नौटियाल की जीत के पीछे, सीएम धामी की चुनावी रणनीति कामयाब रही। बताया गया है कि तमाम दावेदारों के बीच धामी ने महिला उम्मीदवार पर ही विश्वास जताया, क्योंकि इस सीट पर राज्य बनने के बाद बीजेपी ने हमेशा महिला को ही उम्मीदवार बनाया दो बार आशा नौटियाल यहां से विधायक रहीं थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस ने अनर्गल बयानबाजी करके केदारनाथ की यात्रा को प्रभावित करने का प्रयास किया और कांग्रेस झूठे विषयों को लेकर जनता के बीच गई। महेंद्र भट्ट ने विपक्ष पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आज बड़ा तमाचा केदारनाथ की जनता ने कांग्रेस को दिया है। केदारनाथ की जनता ने जो विश्वास दिखाया है वो नजीर के रूप में है और अब आगामी समय में प्रदेश में जितने में चुनाव होंगे वो सब भारतीय जनता पार्टी इसी तरीके से जीतेगी ।
मतगणना शनिवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई थी। इस सीट पर छह प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही थी। बता दें कि गत 20 नवम्बर को केदारनाथ विस के लिए उप चुनाव संपन्न हुए थे। निर्वाचन में कुल 58.89 प्रतिशत मतदान हुआ। उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने आशा नौटियाल, कांग्रेस ने मनोज रावत और उत्तराखंड क्रांति दल ने डा. आशुतोष भंडारी को मैदान में उतारा है। तीन अन्य उम्मीदवार आरपी सिंह, त्रिभुवन सिंह चौहान और प्रदीप रोशन रुड़िया निर्दलीय चुनाव लड़े।
Author: AK
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