
उत्तराखंड में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के कपाट बंद होना शुरू हो गए हैं। गुरुवार को हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण मंदिर के कपाट बंद किए गए थे। वहीं आज गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने की तारीख घोषित कर दी गई । गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए 2 नवंबर को बंद होंगे। दोपहर 12:14 पर अभिजीत मुहूर्त पर मां गंगोत्री के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। शीतकाल के लिए मां गंगा की विग्रह डोली गंगोत्री धाम से 2 नवंबर को ही प्रस्थान करेगी। जो रात्रि विश्राम मारकंडे मंदिर में करेगी। इसके बाद 3 नवंबर को मां गंगा की डोली शीतकालीन प्रवास मुखवा में विराजमान हो जाएगी। उसके बाद 6 महीने के लिए मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन प्रवास मुखवा में ही किए जाएंगे। मुखवा गांव में स्थित मुखीमठ, मां गंगा का शीतकालीन निवास है। कपाट बंद होने के अगले दिन, 3 नवंबर को भैया दूज के पर्व पर मां गंगा की डोली मुखवा पहुंचेगी। यहां आगामी 6 महीनों तक मां गंगा अपने भक्तों को दर्शन देंगी। गंगोत्री धाम हर साल अप्रैल-मई में फिर से खोला जाता है, जब मां गंगा की डोली अपने शीतकालीन निवास से वापस गंगोत्री आती है। श्रद्धालु इस दौरान मां गंगा के दर्शन करने के लिए भारी संख्या में मुखवा मुखीमठ पहुंचते हैं। यह समारोह धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है, और इस दौरान क्षेत्र में एक उत्सव जैसा माहौल बना रहता है। भक्तों के लिए यह समय विशेष होता है, जब वे मां गंगा की आराधना कर सकते हैं और उनकी कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
Author: AK
! Let us live and strive for freedom ! Freelance Journalist ! Politics ! News Junky !












