
लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस आक्रामक भूमिका में है। इन दिनों देश की राजधानी दिल्ली में संसद का बजट सत्र चल रहा है। दिल्ली में सदन के अंदर और बाहर कांग्रेस केंद्र सरकार के बजट का विरोध करते हुए प्रदर्शन कर रही है। वहीं अब उत्तराखंड में भी कांग्रेस ने विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल केदारनाथ धाम मामले को लेकर राज्य की धामी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। राज्य कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार से धार्मिक नगरी हरिद्वार से ‘केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा’ की शुरू की है। कांग्रेस ने पदयात्रा को ‘जय गंगे, जय केदार’ का नारे से शुरु की। पद यात्रा गढ़वाल मंडल के अलग-अलग गांव, शहरों से होते हुए केदारनाथ में समाप्त होगी। इस दौरान जगह-जगह जनसभाओं का आयोजन किया जाएगा। पदयात्रा के शुभारंभ करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह समेत कांग्रेस के सभी विधायक मौजूद रहे। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि केदारनाथ, सतयुग का सनातनी परंपरा की पहचान है। इसका व्यवसायीकरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने केदारनाथ के नाम पर धाम बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बाबा केदार के नाम पर जो पाप भाजपा ने किया है, उस पर केवल कानून बनाने से नहीं बल्कि सार्वजनिक माफी सरकार को मांगनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि पदयात्रा के माध्यम से वे देश और प्रदेश की जनता को बताना चाहेंगे कि जो सामाजिक समरसता की बात करते हैं, उनकी कथनी और करनी में कितना फर्क है।
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Author: AK
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