
भारत में चाहे लोकसभा या विधानसभा चुनाव हो जब-जब नतीजे आते हैं उस दिन किसकी सरकार बनेगी जानने के लिए पूरे देश भर में उत्सुकता भरा माहौल दिखाई देता है। ठीक ऐसे ही नजारा आज बुधवार को दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका में दिखाई दे रहा है। अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटों की गिनती जारी है। पूरी दुनिया की निगाहें अमेरिका में नए राष्ट्रपति की ओर लगी हुई है। फिलहाल ताजा रुझानों में रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप अपनी प्रतिद्वंदी डेमोक्रेटिक कैंडिडेट कमला हैरिस से आगे चल रहे हैं।अब तक 38 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं। इनमें 24 में रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रम्प और 14 में डेमोक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस को जीत मिली है। कई राज्यों में मतदान खत्म होने के बाद ही मतगणना शुरू हो गई है और नतीजे भी आने लगे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के स्विंग स्टेट नॉर्थ कैरोलाइना मे जीत हासिल की है।

इसी के साथ उन्हें इस राज्य के 16 इलेक्टोरल कॉलेज वोट मिल गए। फिलहाल वह 230 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स हासिल कर चुके हैं। अमेरिका में बहुमत के लिए 270 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल करना जरूरी है। कमला हैरिस ने एक के बाद एक तीन राज्यों में जीत हासिल की है। उन्हें कैलिफोर्निया, वॉशिंगटन और इडाहो के अलावा न्यू मैक्सिको और ओरेगॉन में जीत मिली है। इन पांच राज्यों पर जीत के साथ ही कमला हैरिस अब तक 205 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हासिल कर चुकी हैं। उनके पास अब 19 राज्यों में बढ़त है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप अभी भी 230 इलेक्टोरल कॉलेज वोट्स के साथ 270 के बहुमत के आंकड़े के ज्यादा करीब हैं। रिपब्लिकन पार्टी अब तक 28 राज्यों में आगे हो चुकी है। फिलहाल रुझानों में डोनाल्ड ट्रंप ने जबरदस्त बढ़त हासिल कर ली है। अगर आखिरी मौके पर कोई बड़ा चमत्कार नहीं होता है तो डोनाल्ड ट्रंप का एक बार फिर अमेरिका का राष्ट्रपति बनना तय माना जा रहा है। इस चुनाव में अगर ट्रंप जीतते हैं तो 4 साल बाद व्हाइट हाउस में वापसी करेंगे। ट्रंप 2017 से 2021 तक राष्ट्रपति रह चुके हैं। वहीं, अगर कमला हैरिस जीततीं हैं तो वे पहली महिला राष्ट्रपति बन इतिहास रच देंगी। वे फिलहाल अमेरिका की उपराष्ट्रपति हैं।

वहीं दूसरी ओर अमेरिकी चुनाव में वोट डाल चुके एक-तिहाई मतदाताओं का मानना है कि देश की अर्थव्यवस्था फिलहाल अच्छी स्थिति में है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की संभावित जीत से क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तूफानी तेजी देखने को मिल रही है। बिटकॉइन ने पहली बार 75,000 डॉलर का आंकड़ा पार कर लिया है। बिटकॉइन निवेशक मानते हैं कि ट्रंप की नीतियां क्रिप्टोकरेंसी मार्केट के लिए ज्यादा अनुकूल है। उनका मानना है कि ट्रंप के सत्ता में आने की सूरत में बिटकॉइन की कीमतों में और अधिक उछाल आएगा।दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों में शुमार एलन मस्क के पास बिटकॉइन, इथेरियम, डॉगेकॉइन और शिबाइनु की काफी हॉल्डिंग हैं।
Harris' path to victory is tightening as Trump gains more support than in his 2020 campaign. The outcome is still uncertain in key battleground states that will determine the winner.#USPresidentialElection2024 #Kamala4President #Election2024 #Trump #Trump2024 #KamalaHarris… pic.twitter.com/FGP12Zlsmm
— DW Samachar (@dwsamachar) November 6, 2024
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मस्क ने दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में 140 मिलियन डॉलर का निवेश किया हुआ है। यह सारा इन्वेस्टमेंट उनकी इलेक्ट्रिक कार मेकर टेस्ला के जरिए किया गया है। मस्क ने व्यक्तिगत तौर पर इथेरियम और डॉगेकॉइन में भी निवेश किया है। हालांकि, इसकी वैल्यू की जानकारी नहीं मिल सकी है। बिटकॉइन की कीमतों में आज 9 फीसदी से अधिक का उछाल आया है। यह एक वक्त 75,000 डॉलर के पार पहुंच गई थी। फिर इसमें थोड़ा करेक्शन हुआ। सुबह करीब 10 बजे तक बिटकॉइन 7.03 फीसदी उछाल के साथ 74,263.27 डॉलर पर ट्रेड कर रही थी। पिछले एक महीने की बात करें, तो बिटकॉइन के दाम 20.28 फीसदी तक बढ़े हैं। वहीं, 1 साल में इसकी कीमतों में 112 फीसदी का भारी उछाल आया है। बता दें कि बिटकॉइन दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी है। इसे वर्चुअल करेंसी या डिजिटल करेंसी भी कहा जाता है। यह पूरी तरह से वर्चुअल करेंसी है। इसका मतलब कि इसमें कोई फिजिकल कॉइन या नोट नहीं होता। यह करेंसी का एक ऑनलाइन वर्जन है। इसका इस्तेमाल प्रोडक्ट या सर्विसेज के लिए किया जा सकता है। लेकिन, अभी काफी कम प्लेटफॉर्म इसे स्वीकार करते हैं। कुछ देशों ने तो क्रिप्टोकरेंसी पर पूरी तरह से पाबंदी लगा रखी है।
Author: AK
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