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Uttarakhand News: उत्तराखंड में सख्त भू-कानून लागू: बाहरी राज्यों के लिए जमीन खरीदना होगा मुश्किल, जानें नए नियम

Strict Land Law in Uttarakhand: Tougher Rules for Outsiders Buying Property – Know the New Regulation
Strict Land Law in Uttarakhand: Tougher Rules for Outsiders Buying Property – Know the New Regulation

Strict Land Law in Uttarakhand: Tougher Rules for Outsiders Buying Property – Know the New Regulation

उत्तराखंड की धामी सरकार ने बुधवार को राज्य में भू कानून को मंजूरी दे दी है। बजट सत्र में इसको पेश किया जाएगा। उत्तराखंड में सख्त भू-कानून की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जो जल्द पूरी होने वाली है। सख्त भू कानून लागू होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। मुख्यमंत्री धामी ने त्रिवेंद्र रावत सरकार के 2018 के सभी प्रावधान निरस्त कर दिए हैं । आइए जानते हैं नए भू-कानून में क्या प्रावधान किए गए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राज्य मे लचीले भू कानून के चलते होने वाली जमीन की खरीद-फरोख्त पर लगाम लगाने के लिए सख्त भू-कानून लगाने का एलान किया था। कैबिनेट के हरी झंडी दिखाए जाने और बजट सत्र में इसे पेश करने की तैयारी की है। नए भू-कानून से जमीन की खरीद-बिक्री में नियमों को अनदेखा करना संभव नहीं होगा। उत्तराखंड के बाहरी लोगों के लिए जमीन खरीदने की सीमा तय होगी। दूसरे राज्यों के रहने वाले ढाई सौ वर्ग मीटर जमीन खरीदने की लिमिट तय कर दी गई है। अभी तक पहाड़ से लेकर मैदानी इलाकों में बाहरी लोगों ने लचीले भू-कानून के चलते जमीन खरीद ली थी। इसके चलते आए दिन विवाद होते थे। इसी को लेकर उत्तराखंड में भू-कानून लागू किया जा रहा है। भू-कानून के तहत उत्तराखंड में अब 250 वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन नहीं खरीदी जा सकती है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति तय सीमा से ज्यादा जमीन अपने या अपनी पत्नी के नाम खरीदता है तो उसे पर शिकंजा कसा जाएगा। ऐसी जमीनों को सरकार में निहित किया जाएगा। भू-कानून लागू होने के बाद उत्तराखंड में जमीनों की अंधाधुंध होने वाली बिक्री पर लगाम लग सकेगी। इससे किसानों की खेती वाली जमीन भी बचेगी। अभी तक लचीले कानून के तहत जमीनों की धड़लले से खरीदा बेची हो रही है। नया कानून इस पर शिंकजा कसेगा। उत्तराखंड में अगर कोई बाहरी व्यक्ति जमीन लेना चाहता है, तो उसको पहले स्थानीय डीएम की अनुमति लेनी होगी। अगर खरीदार की जांच में यह भी देखा जाएगा, वह किस मकसद से जमीन खरीदना चाहता है। इसका मकसद है कि अंधाधुंध खरीद और गलत इस्तेमाल पर लगाम लगाई जा सके। हालांकि उत्तराखंड के स्थायी लोगों के लिए इस भू कानून में जमीन खरीदने के लिए कोई सीमा तय नहीं की गई है। इसके अलावा निवेशकों को भी जमीन लेने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। लेकिन अगर कोई इंडस्ट्री लगाने के लिए जमीन लेता है और उसका इस्तेमाल दूसरी चीजों के लिए करता है तो ऐसे लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।

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उत्तराखंड में भू कानून लागू होने के बाद जमीन लेने के लिए होंगे नियम–

हरिद्वार और उधम सिंह नगर जनपद को छोड़कर 11 जनपदों में राज्य के बाहर के व्यक्ति हॉर्टिकल्चर और एग्रीकल्चर की लैंड नहीं खरीद पाएंगे। पहाड़ों पर होगी चकबंदी और बंदोबस्ती जमीनों की खरीदारी के लिए अब डीएम नहीं दे पाएंगे अनुमति। प्रदेश में जमीन खरीद के लिए बनेगा पोर्टल होटल में राज्य के बाहर के लोगों की 1 इंच जमीन खरीद का भी होगा उत्तर। जमीन खरीदने के लिए राज्य के बाहर के लोगों के लिए होगा शपथ पत्र अनिवार्य। सभी डीएम को राजस्व परिषद और शासन को सभी जमीनों की खरीद की रिपोर्ट देनी होगी। नियमित रूप से नगर निकाय सीमा के अंतर्गत जमीनों के तय भू उपयोग के अंतर्गत ही कर पाएंगे प्रयोग। नियमों से हटकर किया गया इस्तेमाल तो जमीन होगी सरकार में निहित।

AK
Author: AK

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